एशियाई अंडर-19 बॉक्सिंग चैंपियनशिप: जकार्ता में भारत का शानदार प्रदर्शन, कई मुक्केबाजों की जीत

NewsPoint
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जकार्ता, 7 जुलाई. इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में चल रही एशियन अंडर-19 और अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय मुक्केबाजों का जलवा कायम है. तीसरे दिन अंडर-19 वर्ग में कई भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार जीत दर्ज की. अंबेडकर मीतेई ने जहां चीनी ताइपे के खिलाड़ी को पहले ही राउंड में ‘रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट’ (आरएससी) से हराया, वहीं आदित्य और सिकंदर ने भी अपने-अपने मुकाबलों में आसान जीत हासिल की. देवेंद्र चौधरी ने भी आरएससी से जीत दर्ज की, जबकि प्रशांत कड़े मुकाबले के बाद मामूली अंतर से हार गए. यह चैंपियनशिप भारत के युवा मुक्केबाजों के लिए एक बड़ा मंच साबित हो रही है, जहां वे अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त कर रहे हैं.

भारतीय मुक्केबाजों ने अंडर-19 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में धमाकेदार शुरुआत की है. पहले ही दिन वर्ल्ड बॉक्सिंग फ्यूचर्स कप की गोल्ड मेडलिस्ट चंद्रिका पुजारी और सिल्वर मेडलिस्ट जॉयश्री देवी ने अपनी दमदार जीत से सबको प्रभावित किया. चंद्रिका ने लड़कियों के 51 किग्रा वर्ग में मंगोलिया की लखम त्सेंदबातार को 5-0 से करारी शिकस्त दी. वहीं, जॉयश्री ने लड़कियों के 54 किग्रा वर्ग में चीनी ताइपे की चेन निंग होंग को दूसरे राउंड में ‘रेफरी स्टॉप्ड कॉन्टेस्ट’ (आरएससी) के जरिए मात दी.
पुरुषों के अंडर-19 वर्ग में भी भारत का प्रदर्शन सराहनीय रहा. अंबेडकर मीतेई (50 किग्रा) ने चीनी ताइपे के ची-यू शियाओ को पहले ही राउंड में आरएससी के जरिए हराया. यह जीत उनकी ताकत और तकनीक का प्रमाण थी. आदित्य (55 किग्रा) ने किर्गिस्तान के डेनियल ताशतानबेकोव के खिलाफ 5:0 से एकतरफा जीत हासिल की, जिसमें उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं दिया. सिकंदर (60 किग्रा) ने भी कोरिया के ताइमिन यांग को 5:0 से हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की.

भारत की जीत का सिलसिला देवेंद्र चौधरी (75 किग्रा) ने भी जारी रखा. उन्होंने चीनी ताइपे के सुंग-लिन त्साई को दूसरे राउंड में आरएससी के जरिए हराया. देवेंद्र का प्रदर्शन देखने लायक था, उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी पर पूरी तरह से दबदबा बनाए रखा. हालांकि, प्रशांत (70 किग्रा) का मुकाबला कजाकिस्तान के बिबारिस अशिरवे के खिलाफ काफी कड़ा रहा. पहला राउंड 1:4 से हारने के बाद, प्रशांत ने जबरदस्त वापसी करते हुए दूसरा राउंड 3:2 से जीता. लेकिन, आखिरी राउंड में वे केवल 3:2 के मामूली अंतर से हार गए. यह मुकाबला उनके जज्बे को दिखाता है.

यह चैंपियनशिप भारत के युवा मुक्केबाजी कार्यक्रम की गहराई और गुणवत्ता को दर्शाती है. कई युवा मुक्केबाज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं और शुरुआती राउंड में ही अपने विरोधियों पर हावी हो रहे हैं. जकार्ता में 5 से 16 जुलाई तक चल रही यह एशियन अंडर-19 और अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप भारत के युवा प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है. यहां उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अनुभव मिल रहा है, जो उन्हें भविष्य के बड़े मुकाबलों के लिए तैयार करेगा.

बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने अंडर-19 और अंडर-23 दोनों कैटेगरी में एक मजबूत टीम उतारी है. हर आयु वर्ग में 20-20 मुक्केबाज भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. यह चैंपियनशिप भारत की अगली पीढ़ी के मुक्केबाजों को एशिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ अपनी क्षमता परखने का एक शानदार अवसर प्रदान करती है. यह युवा खिलाड़ी देश के लिए भविष्य में कई पदक जीतने की उम्मीद जगा रहे हैं.