असम में 3253 करोड़ रुपये से अधिक के नशीले पदार्थ जब्त, 26500 से अधिक गिरफ्तार
असम में 3253 करोड़ रुपये से अधिक के नशीले पदार्थ जब्त, 26500 से अधिक गिरफ्तार
NewsPoint•
गुवाहाटी, 7 जुलाई: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को बताया कि राज्य सरकार के नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 2021 से अब तक 3,253 करोड़ रुपये से अधिक के ड्रग्स जब्त किए गए हैं और 26,500 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने तक यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अभियान के आंकड़े साझा करते हुए कहा कि राज्य की खास पहल ‘मिशन असम अगेंस्ट ड्रग्स’ ने पिछले पांच सालों में बहुत अच्छे नतीजे दिए हैं।
मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स पर लिखा, “ड्रग्स के खिलाफ हमारी लगातार लड़ाई निर्णायक नतीजे दे रही है। ‘मिशन असम अगेंस्ट ड्रग्स’ के तहत 2021 से अब तक 3,253 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं और 26,500 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। ड्रग्स नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने तक यह अभियान जारी रहेगा।”मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 2021 में यह अभियान शुरू होने के बाद से अब तक ड्रग्स से जुड़े मामलों में 26,537 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसी दौरान, 3,253 करोड़ रुपये के अनुमानित बाजार मूल्य के नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं।
आंकड़ों से पता चलता है कि कार्रवाई में लगातार बढ़ोतरी हुई है। साल 2021 में ड्रग्स से जुड़े मामलों में 4,175 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 4,901 हो गई। इसी तरह, जब्त किए गए नशीले पदार्थों का बाजार मूल्य 2021 में 383.64 करोड़ रुपये था, जो 2025 में बढ़कर 473.46 करोड़ रुपये हो गया।
साल 2021 में सत्ता संभालने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली असम सरकार ने नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान को और तेज कर दिया है। पूरे राज्य में असम Police और अन्य कानून लागू करने वाली एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं। इन अभियानों के दौरान सैकड़ों किलोग्राम हेरोइन, मेथामफेटामाइन की गोलियां, गांजा और अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। खास तौर पर अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी के रास्तों पर कार्रवाई तेज की गई है।
राज्य सरकार का कहना है कि गोल्डन ट्राएंगल क्षेत्र से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के रास्तों के कारण असम की भौगोलिक स्थिति इसे नशीले पदार्थों की तस्करी के प्रति संवेदनशील बनाती है। इसी वजह से खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान और सख्त कानून लागू करना लगातार जारी रखा जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि आगे भी संगठित ड्रग्स सिंडिकेट को खत्म करने, सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने और पूर्वोत्तर के रास्ते चलने वाले तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई जारी रहेगी। यह अभियान असम को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि युवा पीढ़ी को नशे के दलदल से बाहर निकाला जाए और राज्य में शांति व सुरक्षा का माहौल बना रहे। इस अभियान में आम जनता का सहयोग भी महत्वपूर्ण है, ताकि नशे के सौदागरों को पकड़ा जा सके और समाज को सुरक्षित बनाया जा सके।
यह अभियान सिर्फ गिरफ्तारी और जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नशे के आदी लोगों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास भी शामिल हैं। सरकार नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए भी कई कार्यक्रम चला रही है। लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में शिक्षित किया जा रहा है ताकि वे इससे दूर रहें और अपने बच्चों को भी सुरक्षित रख सकें। असम सरकार इस लड़ाई को तब तक जारी रखेगी जब तक कि राज्य पूरी तरह से नशा मुक्त न हो जाए।