प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का न्यूजीलैंड दौरा: 40 साल में पहली बार, एफटीए के बाद संबंधों को मिलेगी नई दिशा

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ऑकलैंड, 7 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का न्यूजीलैंड दौरा ऐतिहासिक होने वाला है। यह 40 सालों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली न्यूजीलैंड यात्रा है। हाल ही में दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) हुआ है, जिसके बाद यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। न्यूजीलैंड में रहने वाले भारतीय मूल के लोग प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए बहुत उत्साहित हैं। उन्होंने भारत और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपने विचार साझा किए।

एक भारतीय मूल की महिला ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी का न्यूजीलैंड आना हमारे लिए बहुत गर्व की बात है। पिछली बार जब पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया आए थे, तब हमें उम्मीद थी कि शायद वह न्यूजीलैंड भी आएं, लेकिन तब यह संभव नहीं हो पाया था। इस बार उनका यहां आना हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है। मैं और यहां के भारतीय समुदाय के लोग उनके आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।"
बहादुर सिंह कूका ने बताया, "प्रधानमंत्री हमारे बीच आ रहे हैं। यह हमारे लिए बहुत ही खुशी की बात है। यहां का भारतीय समुदाय पीएम की यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। हम चाहते हैं कि भारत सरकार और न्यूजीलैंड सरकार के बीच संबंध और मजबूत हों। दोनों देशों के अच्छे संबंध का फायदा यहां रहने वाले हर भारतीय को होता है। हम तो चाहते हैं कि ऐसे अच्छे संबंध हमेशा बने रहें। पीएम मोदी के आने से यहां रहने वाले भारतीयों का पक्ष मजबूत होता है।"

कूका ने आगे कहा, "दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का बहुत बड़ा फायदा मिलेगा। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। मेडिकल के क्षेत्र में इसका बहुत फायदा मिलेगा। अब भारत में एमबीबीएस करके लोग यहां आ सकते हैं। यहां डॉक्टरों की बहुत ज्यादा जरूरत है। इसके अलावा, इस समझौते का फायदा व्यापार में तो होगा ही।"

सुदेश झुनझुनवाला ने कहा, "यह एक बहुत बड़ा आयोजन है। यह हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है कि 40 साल बाद हमारे प्रधानमंत्री यहां न्यूजीलैंड में हमारे बीच आ रहे हैं। दोनों देशों के लिए यह एक खुशी का मौका है, क्योंकि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का फायदा दोनों देशों को मिलने वाला है। इस समझौते के बाद न्यूजीलैंड अपना फल, सीफूड और कृषि से जुड़ी वस्तुएं निर्यात कर सकता है, और वहीं भारत भी टेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों में अपने व्यापार को बढ़ावा दे सकता है।"

हेमल जानी ने बताया, "प्रधानमंत्री का हमारे बीच आना बहुत बड़ी खबर है। उनकी विश्व में जो लोकप्रियता है, उनके बात करने का अंदाज और उनकी बातें काफी आकर्षक होती हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच एफटीए समझौता बहुत ही ज्यादा खुशी की बात है। हम सब जानते हैं कि भारत आज विश्व में शक्तिशाली देशों में गिना जाता है, और भारत जैसे बड़े देश का साथ न्यूजीलैंड को मिलेगा, यह बहुत बड़ी बात है।"

अब्रिश गुप्ता ने बताया, "पीएम के आने से यह तो तय है कि दोनों देशों के संबंध को बहुत बल मिलेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि यहां रहने वाले भारतीय लोगों में पीएम के आने का बहुत ज्यादा उत्साह है। पीएम के स्वागत का सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।"

यह यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के बीच संबंधों को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। 40 साल के लंबे इंतजार के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा होना अपने आप में एक बड़ी बात है। एफटीए जैसे समझौते दोनों देशों के आर्थिक विकास को गति देंगे। न्यूजीलैंड के लोग, खासकर भारतीय मूल के लोग, इस ऐतिहासिक पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वे मानते हैं कि पीएम मोदी के आने से न केवल द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि यहां रहने वाले भारतीयों की आवाज को भी बल मिलेगा।

मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) एक ऐसा सौदा है जो दो देशों के बीच व्यापार को आसान बनाता है। इसके तहत, दोनों देश एक-दूसरे के सामानों पर कम टैक्स लगाते हैं या टैक्स पूरी तरह खत्म कर देते हैं। इससे सामानों का आयात-निर्यात सस्ता हो जाता है और व्यापार बढ़ता है। इस समझौते से न्यूजीलैंड को अपने फल, समुद्री भोजन और कृषि उत्पादों को भारत में बेचने में आसानी होगी। वहीं, भारत भी अपनी टेक्नोलॉजी और अन्य उत्पादों को न्यूजीलैंड में बेहतर तरीके से बेच पाएगा।

मेडिकल क्षेत्र में भी इस समझौते का खास असर देखने को मिलेगा। अब भारतीय डॉक्टर, जिन्होंने भारत में एमबीबीएस की पढ़ाई की है, वे न्यूजीलैंड में काम कर सकेंगे। न्यूजीलैंड में डॉक्टरों की कमी है, इसलिए यह समझौता दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा। इससे न्यूजीलैंड को कुशल डॉक्टर मिलेंगे और भारतीय डॉक्टरों को बेहतर अवसर।

प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी है। उनके बात करने का तरीका और उनकी नीतियां लोगों को आकर्षित करती हैं। न्यूजीलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय को उम्मीद है कि पीएम मोदी के दौरे से उनके हितों की रक्षा होगी और भारत सरकार से उनका जुड़ाव और मजबूत होगा।

यह दौरा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देगा। प्रधानमंत्री मोदी के आने से न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय को एक नई ऊर्जा मिलेगी और वे अपनी संस्कृति और पहचान को और मजबूती से प्रस्तुत कर पाएंगे। यह यात्रा भारत की बढ़ती वैश्विक शक्ति का भी प्रतीक है, जो दुनिया के विभिन्न देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है।

कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी का न्यूजीलैंड दौरा सिर्फ एक राजनीतिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच दोस्ती, व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा देने वाला एक ऐतिहासिक अवसर है। न्यूजीलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह गर्व और खुशी का क्षण है, और वे इस ऐतिहासिक पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।