जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई पर एक्टर रहमान का समर्थन, छात्रों को बताया देश का भविष्य

NewsPoint
Navbharat Times
मुंबई, 22 जुलाई। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और उस दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर देश भर में बहस छिड़ गई है। इस मुद्दे पर अब कई जानी-मानी हस्तियां भी खुलकर अपनी राय रख रही हैं। फिल्मी दुनिया से भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में तमिल और मलयालम सिनेमा के लोकप्रिय एक्टर रहमान ने छात्रों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि छात्र देश के दुश्मन नहीं, बल्कि India का भविष्य हैं और उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

रहमान ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, "जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू हुआ था, तब मुझे पूरा भरोसा था कि Government आगे आएगी, छात्रों की बात सुनेगी और उनकी चिंताओं का समाधान निकालेगी। लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते गए, हालात को इस तरह बिगड़ते देखना बेहद तकलीफदेह रहा। छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के वीडियो देखकर मेरा दिल टूट गया।" रहमान ने Government से सवाल करते हुए कहा, "आखिर क्यों? क्या यह वास्तव में जरूरी था? मैं जानता हूं कि मेरी बातों का गलत मतलब निकाला जा सकता है या मेरी मंशा पर सवाल उठाए जा सकते हैं, लेकिन इस बार मैं किसी Actor के रूप में नहीं, बल्कि एक चिंतित नागरिक के तौर पर अपनी बात कह रहा हूं।"
अपने पोस्ट में रहमान ने Government से संवेदनशीलता दिखाने की अपील भी की। उन्होंने लिखा, "कृपया टकराव की जगह दया और संवेदनशीलता को प्राथमिकता दीजिए। देर होने से पहले छात्रों की बात सुनिए। हमारे छात्र हमारे दुश्मन नहीं हैं, वे India का भविष्य हैं। वे मेरे बच्चों जैसे हैं, वे हम सभी के बच्चे हैं।"

रहमान की पोस्ट पर Actress रेवती आशा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कमेंट करते हुए लिखा, "सवाल पूछे जाने चाहिए।" इसके अलावा रेवती ने भी इस पूरे मामले को लेकर social media पर एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा, “छात्रों की मांग सिर्फ इतनी है कि देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए, ताकि बच्चों और देश का भविष्य सुरक्षित रह सके। छात्र मारपीट झेलने के बावजूद शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। कई युवा अपने भविष्य को लेकर रो रहे हैं, मांएं अपने बच्चों पर हो रही हिंसा देखकर आंसू बहा रही हैं, पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं और छात्राएं अपने ऊपर हो रही हिंसा रोकने की गुहार लगा रही हैं।"

रेवती ने आगे लिखा, ”जिन नेताओं को लोगों ने अपने बच्चों और देश के भविष्य की जिम्मेदारी सौंपकर चुना है, वे इस समय खामोश हैं। मेरी Government से अपील है कि छात्रों की बात सुनी जाए, उनके साथ बातचीत की जाए। मतभेद होना अलग बात है, लेकिन बातचीत का रास्ता हमेशा खुला रहना चाहिए।”

यह पूरा मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन से जुड़ा है। छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे थे। लेकिन पुलिस की कार्रवाई ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है। इस कार्रवाई के वीडियो सामने आने के बाद देशभर में लोगों में गुस्सा है। कई लोग पुलिस की कार्रवाई को गलत बता रहे हैं और छात्रों के साथ हो रहे व्यवहार की निंदा कर रहे हैं।

एक्टर रहमान ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि छात्रों को देश का दुश्मन नहीं, बल्कि भविष्य समझा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार छात्रों की बात सुनेगी और उनकी समस्याओं का समाधान करेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे उन्हें निराशा हुई। रहमान ने खुद को एक चिंतित नागरिक बताते हुए सरकार से दया और संवेदनशीलता दिखाने की अपील की है।

Actress रेवती ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग सिर्फ शिक्षा व्यवस्था में सुधार की है, ताकि देश का भविष्य सुरक्षित रह सके। रेवती ने यह भी कहा कि नेता, जिन्हें जनता ने देश की जिम्मेदारी सौंपी है, वे इस समय चुप हैं। उन्होंने सरकार से छात्रों की बात सुनने और उनसे बातचीत करने का आग्रह किया है।

यह घटना देश के युवाओं के भविष्य और उनकी आवाज को दबाने के मुद्दे पर एक बड़ी बहस छेड़ रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया देती है और छात्रों की मांगों को कितना महत्व दिया जाता है। देश के भविष्य के लिए यह जरूरी है कि युवाओं की आवाज सुनी जाए और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।