गोरखपुर में 495 करोड़ की गोड़धोइया नाला परियोजना का सीएम योगी ने किया निरीक्षण, जलभराव से मिलेगी मुक्ति

NewsPoint
495
गोरखपुर, 22 जुलाई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में 495 करोड़ रुपये की लागत वाली गोड़धोइया नाला परियोजना का निरीक्षण किया। इस परियोजना में पक्का नाला निर्माण, डायवर्जन, इंटरसेप्शन और ट्रीटमेंट का काम शामिल है। फातिमा हॉस्पिटल के पास और जेल बाईपास के समीप दो जगहों पर स्थलीय निरीक्षण के बाद, मुख्यमंत्री ने जेल बाईपास पर एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सपा शासनकाल में भूमाफियाओं ने सरकारी जमीनों पर गलत तरीके से इंदराज कराकर लोगों को ठगा था और उन्हें बरगलाकर जमीनें बेची थीं। भाजपा सरकार ने इस परियोजना के तहत ऐसी जमीनें खरीदने वालों को सम्मानजनक मुआवजा दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गोड़धोइया नाले के पुनरोद्धार से गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र के 17 वार्डों में बारिश के दौरान होने वाला जलभराव अब खत्म हो गया है। यह नाला अब नदी की तरह बह रहा है और इसने 15 घंटे की मूसलाधार बारिश में भी पूरे पानी को खींच लिया। परियोजना के तहत 9.50 किलोमीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा नाला बनाया गया है, जिसमें 18 किलोमीटर सीवर लाइन भी बिछाई गई है ताकि नाले में सीवर न गिरे। इसके अलावा, 36 एमएलडी की एसटीपी, 14 ब्रिज और 61 एमएलडी मास्टर पंप स्टेशन (एमपीएस) का काम भी पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री की योजना है कि नाले पर यातायात की व्यवस्था और सुरक्षा के उपाय किए जाएं, ताकि कोई उसमें न गिरे। नाले के दोनों ओर सड़क निर्माण, पुल निर्माण, रेलिंग, फुटपाथ और अच्छी लाइटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने लोगों से नाले में गंदगी और कूड़ा न फेंकने की अपील की, ताकि अगले 50 से 100 वर्षों तक गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र में जलभराव की समस्या न हो। इस परियोजना से गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र की तीन लाख आबादी को लाभ मिलेगा, जो बीमारी और गंदगी से मुक्त एक बेहतर वातावरण में रहेगी। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में सकारात्मक योगदान के लिए गोरखपुरवासियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण ही मोहद्दीपुर से बाईपास मार्ग, स्पोर्ट्स कॉलेज से बरगदवा मार्ग, असुरन से मेडिकल कॉलेज मार्ग और असुरन से पिपराइच मार्ग जैसे कई मार्ग फोरलेन हुए हैं, जिससे संपत्ति का मूल्य भी बढ़ा है और व्यापार व रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। जनसभा के दौरान बारिश होने पर मुख्यमंत्री ने पंडाल के बाहर खड़े लोगों को भी जर्मन हैंगर में बुलाकर उनकी चिंता की, जिस पर लोगों ने उनका अभिनंदन किया। सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में गोरखपुर में अभूतपूर्व विकास हो रहा है और विरोधियों के पास बोलने को कुछ नहीं है। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने गोड़धोइया नाला परियोजना को सीएम योगी की दूरदर्शिता का मॉडल बताया, जिससे महानगर को जलभराव की समस्या से मुक्ति मिलेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोड़धोइया नाला परियोजना के तहत हुए विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान भूमाफियाओं ने सरकारी जमीनों पर गलत इंदराज कराकर लोगों को ठगा था। उन्होंने कहा कि जब भाजपा सरकार ने गोड़धोइया नाला परियोजना शुरू की, तो जिन लोगों ने उस समय नाले के पास जमीनें खरीदी थीं, उन्हें सम्मानजनक मुआवजा दिया गया। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जनता के सकारात्मक सहयोग से ही इस नाले का पुनरोद्धार संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि विकास की प्रक्रिया में लोगों की जागरूकता बहुत मायने रखती है। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि जब गोड़धोइया नाले का पुनरोद्धार नहीं हुआ था, तब गोरखपुर महानगर के उत्तरी क्षेत्र के 17 वार्ड बारिश में जलमग्न हो जाते थे। लेकिन अब इस नाले को देखकर ऐसा लगता है जैसे कोई नदी बह रही हो। उन्होंने कहा कि इस नाले को पुनर्जीवित किया गया है, जिसका परिणाम यह है कि हाल ही में 15 घंटे हुई मूसलाधार बारिश में भी उत्तर दिशा में जलभराव नहीं हुआ, क्योंकि इस नाले ने सारा पानी सोख लिया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जब सभी नालों का पुनरोद्धार हो जाएगा, तो महानगर में कहीं भी एक बूंद पानी नहीं रुकेगा।
मुख्यमंत्री ने परियोजना के तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि गोड़धोइया नाला 9.50 किलोमीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा बनाया गया है। इसके साथ ही, 18 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन भी बिछाई गई है, जिससे अब नाले में सीवर का पानी नहीं गिरेगा। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो नाले की स्वच्छता और पानी की गुणवत्ता को बनाए रखेगा। गोड़धोइया नाला परियोजना में 36 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) की एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का काम भी पूरा हो गया है। एसटीपी का मतलब है कि गंदे पानी को साफ करके ही बाहर छोड़ा जाएगा, जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा। इसके अलावा, नाले पर 14 पुलों का निर्माण और 61 एमएलडी क्षमता वाले मास्टर पंप स्टेशन (एमपीएस) का काम भी पूरा हो चुका है। मास्टर पंप स्टेशन बारिश के पानी को पंप करके आगे बढ़ाने में मदद करता है, खासकर उन जगहों पर जहां ढलान कम होती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भविष्य की योजनाओं का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उनकी योजना है कि गोड़धोइया नाला पर यातायात की सुगम व्यवस्था हो और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि कोई भी व्यक्ति गलती से नाले में न गिर जाए। उन्होंने कहा कि नाले के दोनों ओर सड़क का निर्माण भी किया जाना है, जिससे आवागमन आसान होगा। इसके साथ ही, नाले की दोनों तरफ आने-जाने के लिए पुल भी बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोड़धोइया नाले का मुख्य काम पूरा हो गया है और सीवर लाइन का काम अंतिम चरण में है। यहां सड़क भी बनेगी, रेलिंग लगाई जाएगी, फुटपाथ का निर्माण होगा और लाइटिंग की भी अच्छी व्यवस्था रहेगी, जिससे यह इलाका सुंदर और सुरक्षित बनेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से एक महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे नाले में किसी भी तरह की गंदगी और कूड़ा न फेंकें। उन्होंने समझाया कि अगर इस नाले का सही ढंग से उपयोग किया गया, तो अगले 50 से 100 वर्षों तक गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र में बारिश का पानी जमा नहीं होगा। यह पानी इस नाले के माध्यम से रामगढ़ताल और तरकुलानी होते हुए राप्ती नदी तक पहुंच जाएगा, जिससे जलभराव की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। पर, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कहीं भी नाले में बाधा आएगी, कूड़ा डाला जाएगा या उस पर कब्जा किया जाएगा, तो जलभराव की समस्या फिर से उत्पन्न हो जाएगी, जिससे बदबू और बीमारियां फैलेंगी। इन्हीं समस्याओं से बचाव के लिए इस नाले के पुनरोद्धार का कार्य पूर्ण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नाले के दोनों तरफ सघन पौधरोपण कर हरियाली का नजारा विकसित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस काम में प्रशासन के साथ-साथ लोगों को भी सक्रिय रूप से जुटना होगा, ताकि यह क्षेत्र हरा-भरा और सुंदर बन सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गोड़धोइया नाला परियोजना से गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र की लगभग तीन लाख आबादी को सीधा लाभ मिल रहा है। इन लोगों को अब बीमारी और गंदगी से मुक्त एक बेहतर और स्वच्छ वातावरण मिलने लगा है। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में जनता के सकारात्मक योगदान के लिए महानगरवासियों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोगों के सकारात्मक दृष्टिकोण का ही परिणाम है कि मोहद्दीपुर से बाईपास मार्ग, स्पोर्ट्स कॉलेज से बरगदवा मार्ग, असुरन से मेडिकल कॉलेज मार्ग और असुरन से पिपराइच मार्ग जैसे कई महत्वपूर्ण मार्ग फोरलेन बनाए गए हैं। इन फोरलेन सड़कों से यहां के लोगों की संपत्ति का मूल्य भी काफी बढ़ गया है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि पहले जिस संपत्ति की कीमत एक लाख रुपये थी, अब वह पांच लाख रुपये तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब सड़कें अच्छी होंगी, तो व्यापार बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि हर तरफ फोरलेन कनेक्टिविटी के चलते गोरखपुर में नए-नए शोरूम खुल रहे हैं, जिससे व्यापार बढ़ रहा है और लोगों को अपनी मनपसंद खरीदारी के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा जैसे ही शुरू हुई, अचानक बारिश होने लगी। इस पर वहां आए नागरिकों की चिंता करते हुए उन्होंने फौरन उन लोगों को भी जर्मन हैंगर में बुला लिया जो भीड़ अधिक होने के कारण पंडाल से बाहर खड़े थे। मुख्यमंत्री की इस आत्मीयता और संवेदनशीलता पर लोगों ने जोरदार तालियां बजाकर और नारे लगाकर उनका अभिनंदन किया। बारिश में भी बड़ी संख्या में आने के लिए मुख्यमंत्री योगी ने नागरिकों को साधुवाद दिया।

जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोरखपुर में अभूतपूर्व विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के विकास कार्यों को देखकर विरोधियों के पास कुछ बोलने को नहीं रह गया है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विकास करने के बजाय जनता का पैसा लूटने वाले विपक्षी दल आखिर बोलें भी तो क्या बोलें। उन्होंने कहा कि योगी की सरकार ने गोरखपुर को गोड़धोइया नाला परियोजना देकर एक ऐतिहासिक कार्य किया है। इस नाले में पानी का प्रवाह अब नदी जैसा हो गया है, जो जलभराव की समस्या का समाधान करेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करते हुए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि गोड़धोइया नाला परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शिता का एक उत्कृष्ट मॉडल है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से महानगर को जलभराव की गंभीर समस्या से मुक्ति मिलने जा रही है, जो वर्षों से लोगों को परेशान कर रही थी।