संबित पात्रा का राहुल गांधी पर तीखा हमला: संसद में झूठ, असंसदीय भाषा और सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने का आरोप

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद संबित पात्रा ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संसद में झूठे दावे करने, असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने और सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने का गंभीर आरोप लगाया। दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 30 वाहनों के काफिले के दावे को पूरी तरह से गलत बताया और उन्हें चुनौती दी कि वे आकर गाड़ियों की गिनती करें। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी सदन में अपना माइक बंद होने का जो दावा कर रहे थे, वह भी झूठ था क्योंकि माइक चालू था। पात्रा ने कांग्रेस पर देश की युवा पीढ़ी की बजाय सिर्फ गांधी परिवार की चिंता करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस सरकारों ने छात्र आंदोलनों के दौरान छात्रों पर गोलियां चलवाईं। उन्होंने सुरक्षा बलों पर लड़कियों के कपड़े फाड़ने के कांग्रेस के आरोप को भी सिरे से खारिज किया और कहा कि ऐसे आरोप देश की सेना का मनोबल तोड़ते हैं।

संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संसद में तथ्यों के बिना आरोप लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और सुरक्षा बलों के बारे में गलत बातें कहकर उनका हौसला तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। पात्रा ने बताया कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कई बार नियम पुस्तिका दिखाकर साफ किया है कि 'इडियट' शब्द सदन में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद, विपक्ष लगातार इस शब्द का प्रयोग कर रहा है।
पात्रा ने राहुल गांधी के उस दावे पर भी सवाल उठाया जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 वाहनों के काफिले के साथ पहुंचे थे। संबित पात्रा ने कहा, "आज मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हूं कि हमारे साथ आइए और गाड़ियां गिनिए। बताइए अमित शाह का 30 गाड़ियों का काफिला कहां था?" उन्होंने आगे कहा, "क्या जो व्यक्ति सदन के अंदर पांच मिनट तक नहीं बैठ सकता, वह बाहर खड़े होकर गाड़ियां गिन सकता है?" पात्रा ने तो यहां तक कह दिया कि उन्हें नहीं लगता कि प्रधानमंत्री के काफिले में भी 30 वाहन होते हैं। उन्होंने इस दावे को "पूरी तरह झूठ" बताया।

संबित पात्रा ने अमित शाह की तारीफ करते हुए कहा कि वे ऐसे नेता हैं जिनसे नक्सली तक डरते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अमित शाह ने दिन-रात मेहनत करके देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में काम किया है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने सैकड़ों हत्याओं के जिम्मेदार नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई की, वे किसी से डरने वाले व्यक्ति नहीं हैं।

भाजपा सांसद ने राहुल गांधी के उस आरोप को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि सदन में उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया था। पात्रा ने कहा, "मैं सदन में मौजूद था। राहुल गांधी कह रहे थे कि उनका माइक्रोफोन बंद है, जबकि लाल बत्ती जल रही थी। लाल बत्ती का मतलब है कि माइक्रोफोन चालू था। फिर वह कैसे बंद हो सकता है?" उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "क्या आप जानते हैं कि राहुल गांधी हमेशा अपने हाथ जेब में क्यों रखते हैं? क्योंकि दोनों जेबों में वे हमेशा 'विक्टिम कार्ड' लेकर चलते हैं।"

संबित पात्रा ने कांग्रेस पर देश की युवा पीढ़ी की बजाय सिर्फ गांधी परिवार की चिंता करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आजादी के 75 वर्षों में, भाजपा सरकारों को छोड़कर जब भी कांग्रेस या कांग्रेस समर्थित सरकारें केंद्र में रहीं, उनकी चिंता 'जेन-जी' यानी गांधी परिवार रही, न कि देश की युवा पीढ़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के छात्र आंदोलनों के दौरान कांग्रेस सरकारों ने छात्रों पर गोली चलवाई। उन्होंने असम का भी उदाहरण दिया, जहां ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के आंदोलन के दौरान छात्रों पर गोली चलाई गई और 800 से अधिक छात्रों की मौत हुई। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में भी कांग्रेस के शासनकाल में लोगों पर गोली चलाई गई थी।

भाजपा सांसद ने कांग्रेस नेताओं के उन बयानों को भी खारिज किया, जिनमें संसद में यह आरोप लगाया गया था कि सुरक्षा बलों ने लड़कियों के कपड़े फाड़े। उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह गलत और झूठा आरोप है।" उन्होंने कहा कि हमारे सशस्त्र बल और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं और भारत माता की अस्मिता की सुरक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि संसद में खड़े होकर यह कहना कि उन्होंने लड़कियों के कपड़े फाड़े, "बेहद अनुचित और गंभीर मामला है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के आरोप सुरक्षा बलों का मनोबल गिराते हैं।

पात्रा ने यह भी बताया कि कुछ ऐसे नेता, जो पहले कांग्रेस में नहीं थे और बाद में पार्टी में शामिल हुए, पहले भी जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में सुरक्षा बलों पर महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसे आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे ऐसा कोई नैरेटिव न गढ़ें, जिससे देश के सुरक्षा बलों का मनोबल कमजोर हो। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए हमारे जवानों का हौसला बुलंद रहना बहुत जरूरी है।

संबित पात्रा ने राहुल गांधी के संसद में व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सदन में पांच मिनट भी ठीक से नहीं बैठ सकता, वह बाहर खड़े होकर गाड़ियों की गिनती करने की चुनौती कैसे दे सकता है? उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि राहुल गांधी तथ्यों पर बात नहीं करते, बल्कि सिर्फ आरोप लगाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का इतिहास रहा है कि जब भी वे सत्ता में रहे, उन्होंने देश की जनता की बजाय अपने परिवार के हितों को प्राथमिकता दी। छात्र आंदोलनों के दौरान उन पर की गई कार्रवाई इसका सबूत है।

उन्होंने सुरक्षा बलों पर लगे आरोपों को बेहद गंभीर बताया और कहा कि ऐसे झूठे आरोप लगाने से देश की सुरक्षा पर भी असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि हमारे जवान देश की रक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं, और ऐसे में उन पर ऐसे आरोप लगाना न केवल गलत है, बल्कि देशद्रोह के समान है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे देश के सुरक्षा बलों का सम्मान करें और उनका मनोबल बढ़ाने का काम करें, न कि उन्हें नीचा दिखाने का।