सोने-चांदी में मिलाजुला कारोबार, अमेरिकी फेड के फैसले का असर

NewsPoint
Navbharat Times
मुंबई, 30 जुलाई: गुरुवार को शेयर बाज़ार में सोने और चांदी की चाल मिली-जुली रही। सोने के भाव में थोड़ी सी तेज़ी देखी गई, वहीं चांदी करीब आधा प्रतिशत लुढ़क गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अक्टूबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 1,43,283 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,43,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। सुबह 9:45 बजे तक यह 0.14 प्रतिशत की मामूली तेज़ी के साथ 1,43,480 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। अब तक के कारोबार में सोने ने 1,43,101 रुपए प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और 1,43,663 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ, जिससे पता चलता है कि सोने में एक सीमित दायरे में ही खरीद-बिक्री हो रही है।

दूसरी ओर, चांदी का 4 सितंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,17,479 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 2,16,389 रुपए प्रति किलो पर खुला। फिलहाल यह 0.46 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,16,473 रुपए प्रति किलो पर था। अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,15,402 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,17,479 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी सोने और चांदी की चाल सीमित दायरे में ही रही। कॉमेक्स पर सोना 0.35 प्रतिशत की तेज़ी के साथ 4,050 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

बाज़ार के जानकारों का मानना है कि सोने और चांदी में इस तरह के मिले-जुले कारोबार की वजह अमेरिकी फेडरल रिज़र्व (यूएस का केंद्रीय बैंक) का फैसला है। फेड ने ब्याज दरें न बढ़ाने का फैसला लिया, लेकिन यह फैसला 9-3 के भारी बहुमत से हुआ। खास बात यह है कि फेड के तीन सदस्यों ने महंगाई को काबू में करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया था। इस बंटे हुए फैसले से यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं। यह सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं के बाज़ार के लिए अच्छी खबर नहीं है, क्योंकि बढ़ी हुई ब्याज दरें अक्सर सोने-चांदी की मांग को कम कर देती हैं।

जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो लोग अपना पैसा बैंकों में जमा करके ज़्यादा ब्याज कमाना पसंद करते हैं। ऐसे में सोने और चांदी जैसी चीज़ों में निवेश कम हो जाता है। इसलिए, फेड के इस फैसले से सोने और चांदी के भाव पर दबाव बना रह सकता है। निवेशकों को अब आगे के फैसलों पर नज़र रखनी होगी कि क्या ब्याज दरें वाकई बढ़ाई जाती हैं या नहीं। यह बाज़ार की चाल को काफी हद तक प्रभावित करेगा।

इस बीच, सोने ने 5 अक्टूबर, 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में 1,43,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर शुरुआत की और 1,43,480 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा। वहीं, चांदी ने 4 सितंबर, 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में 2,16,389 रुपए प्रति किलो पर शुरुआत की और 2,16,473 रुपए प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी। इन उतार-चढ़ावों के बीच, निवेशकों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि बाज़ार की चाल किन-किन बातों पर निर्भर करती है।