फीफा वर्ल्ड कप 2026: इंग्लैंड के कोच टुचेल का बड़ा बयान, क्या टीम है दावेदार?
फीफा वर्ल्ड कप 2026: इंग्लैंड के कोच टुचेल का बड़ा बयान, क्या टीम है दावेदार?
NewsPoint•
इंग्लैंड फुटबॉल टीम के कोच थॉमस टुचेल ने कहा है कि उनकी टीम फीफा वर्ल्ड कप 2026 की प्रबल दावेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि टीम को बड़े टूर्नामेंटों में खुद को साबित करना होगा। हैरी केन कप्तान और डेक्लान राइस उपकप्तान होंगे। टीम 17 जून को क्रोएशिया के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेगी।
न्यूयॉर्क, 10 जून . इंग्लैंड फुटबॉल टीम के मुख्य कोच थॉमस टुचेल ने साफ कर दिया है कि उनकी टीम फीफा वर्ल्ड कप 2026 जीतने की सबसे बड़ी दावेदार नहीं है. उन्होंने कहा कि इंग्लैंड को पहले बड़े टूर्नामेंटों में खुद को साबित करना होगा, क्योंकि टीम पिछले छह दशकों से कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब नहीं जीत सकी है. टुचेल ने यह बात ऑरलैंडो में कोस्टा रिका के खिलाफ इंग्लैंड के आखिरी वॉर्म-अप मैच से पहले कही. इससे पहले, इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को 1-0 से हराया था, लेकिन टीम का प्रदर्शन बहुत प्रभावशाली नहीं रहा था.
जब पत्रकारों ने टुचेल से पूछा कि क्या इंग्लैंड वर्ल्ड कप जीतने की प्रमुख दावेदारों में शामिल है, तो उन्होंने साफ कहा कि उनकी टीम प्रबल दावेदार नहीं है. उन्होंने कहा कि दुनिया में कई ऐसी टीमें हैं, जिन्होंने हाल के वर्षों में बड़े टूर्नामेंट जीते हैं और उनका रिकॉर्ड इंग्लैंड से बेहतर है. टुचेल ने कहा कि उनकी टीम बड़े सपने जरूर देखती है और खिताब जीतने की कोशिश करेगी, लेकिन फिलहाल वह खुद को चुनौती देने वाली टीम के रूप में देख रहे हैं. उनके अनुसार, खिलाड़ियों का पूरा ध्यान मेहनत, तैयारी और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने पर है. उन्होंने कहा कि टीम टूर्नामेंट में पूरी ताकत के साथ उतरेगी, पर केवल दावेदार कहलाने से कोई टीम चैंपियन नहीं बन जाती.इंग्लैंड के कोच ने टीम की कप्तानी को लेकर भी अपनी सोच साझा की. उन्होंने बताया कि हैरी केन टीम के कप्तान हैं और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा. वहीं, डेक्लान राइस को उपकप्तान बनाया गया है. टुचेल ने कहा कि उन्होंने यह फैसला काफी पहले कर लिया था, क्योंकि राइस मैदान पर टीम को अच्छी तरह संभालते हैं. उन्होंने राइस की तारीफ करते हुए कहा कि उनका फुटबॉल नॉलेज शानदार है. वे खेल की गति, रणनीति और टीम के संतुलन को अच्छी तरह समझते हैं. राइस इस समय यूरोप के सर्वश्रेष्ठ मिडफील्डरों में से एक हैं और बेहतरीन फॉर्म में हैं.
कोच ने यह भी बताया कि फिलहाल इंग्लैंड के कैंप का माहौल काफी शांत और सकारात्मक है. हालांकि जैसे-जैसे टूर्नामेंट नजदीक आएगा, खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि टीम मानसिक और शारीरिक रूप से खुद को तैयार कर रही है. इंग्लैंड अपना वर्ल्ड कप अभियान 17 जून को क्रोएशिया के खिलाफ मुकाबले से शुरू करेगा. इस मैच पर दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें रहेंगी.
टुचेल का यह बयान इंग्लैंड के फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है. यह दर्शाता है कि टीम के कोच यथार्थवादी दृष्टिकोण रखते हैं और टीम को जमीनी हकीकत से अवगत कराना चाहते हैं. पिछले छह दशकों से कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब न जीत पाना इंग्लैंड के लिए एक बड़ी चुनौती रही है. इस बार भी, टुचेल ने स्वीकार किया है कि टीम को खुद को साबित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कप्तानी को लेकर कोई बदलाव नहीं होगा. हैरी केन कप्तान बने रहेंगे, जबकि डेक्लान राइस उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे. टुचेल ने राइस की कप्तानी क्षमता और खेल की समझ की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि राइस मैदान पर टीम को अच्छी तरह से संभालते हैं और खेल की गति, रणनीति और टीम के संतुलन को बखूबी समझते हैं. यह भी बताया गया कि राइस इस समय यूरोप के सर्वश्रेष्ठ मिडफील्डरों में से एक हैं और बेहतरीन फॉर्म में हैं.
टुचेल ने इंग्लैंड के कैंप के माहौल को भी सकारात्मक बताया. उन्होंने कहा कि खिलाड़ी मानसिक और शारीरिक रूप से टूर्नामेंट के लिए तैयार हो रहे हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जैसे-जैसे टूर्नामेंट नजदीक आएगा, खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है. यह एक सामान्य बात है और टीम इस दबाव को संभालने के लिए तैयार है.
इंग्लैंड का वर्ल्ड कप अभियान 17 जून को क्रोएशिया के खिलाफ एक रोमांचक मुकाबले से शुरू होगा. यह मैच फुटबॉल जगत के लिए एक बड़ी घटना होगी और दुनिया भर के प्रशंसक इस पर अपनी नजरें बनाए रखेंगे. टुचेल के बयान से यह स्पष्ट है कि इंग्लैंड एक मजबूत टीम के रूप में टूर्नामेंट में उतरेगा, लेकिन वे खुद को प्रबल दावेदार मानने के बजाय चुनौती देने वाली टीम के रूप में देख रहे हैं. यह दृष्टिकोण टीम को बिना किसी अतिरिक्त दबाव के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद कर सकता है.