चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि: सीएम योगी ने किसानों के मसीहा को किया नमन, यूपी सरकार की योजनाएं

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने विधान भवन स्थित प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने चौधरी चरण सिंह को किसानों का मसीहा और भारत मां का महान सपूत बताया।

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लखनऊ, 29 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। विधान भवन में उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए सीएम योगी ने उन्हें किसानों का मसीहा और भारत मां का महान सपूत बताया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह का मानना था कि देश का विकास गांवों और खेतों से होकर गुजरता है और किसानों को हमेशा सरकार की योजनाओं में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। देशहित में उनके योगदान को देखते हुए ही उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उत्तर प्रदेश सरकार भी चौधरी चरण सिंह की यादों को संजोए रखने के लिए किसानों के हित में कई कार्यक्रम चला रही है, जिसमें लखनऊ में चौधरी चरण सिंह सीड पार्क का निर्माण भी शामिल है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर 1902 को उत्तर प्रदेश में हुआ था। वे देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े थे और उन्होंने देश में कृषि और राजस्व के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार किए। उनका साफ मानना था कि देश की तरक्की का रास्ता गांवों, खेतों और खलिहानों से होकर गुजरता है। किसानों को विकास के एजेंडे और सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा जाना चाहिए। शासन की हर योजना किसानों को ध्यान में रखकर ही बनाई जानी चाहिए।
चौधरी चरण सिंह को देशहित में किए गए उनके कार्यों के लिए 'भारत रत्न' की उपाधि से नवाजा गया था। सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार चौधरी चरण सिंह की स्मृतियों को जीवंत रखने के लिए किसानों के हित से जुड़े कई कार्यक्रम चला रही है। लखनऊ में चौधरी चरण सिंह सीड पार्क का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

देश के एक प्रमुख राजनेता होने के साथ-साथ, चौधरी चरण सिंह ने देश और समाज के लिए अमूल्य योगदान दिया था। किसानों के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी चरण सिंह का जन्म एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और बाद में स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर, उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ कई आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

देश की आजादी के बाद, चौधरी चरण सिंह ने किसानों, भूमिहीनों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए। उन्होंने हमेशा आम आदमी की आवाज को बुलंद किया और उनके अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। 29 मई 1987 को उनका निधन हो गया, लेकिन किसानों के प्रति उनका समर्पण और देश के प्रति उनका योगदान आज भी लोगों को प्रेरित करता है। उनके विचारों को आज भी प्रासंगिक माना जाता है और उनकी विरासत को जीवित रखने के लिए सरकारें प्रयास कर रही हैं।