डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आगे रहने के लिए अमेरिका में एआई डेटा सेंटर के विस्तार की आवश्यकता व्यक्त की
डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आगे रहने के लिए अमेरिका में एआई डेटा सेंटर के विस्तार की आवश्यकता व्यक्त की
NewsPoint•
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 अक्टूबर को ओहायो में एक चुनावी रैली के दौरान चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए डेटा सेंटर नहीं बनाए, तो ये चीन चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका को तेजी से विकसित हो रही एआई तकनीक के लिए मजबूत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता है। ट्रंप ने इस बात का खास जिक्र किया कि डेटा सेंटर के विस्तार से आम लोगों के बिजली बिल पर प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। वे रिपब्लिकन गवर्नर पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी और सीनेटर जॉन हस्टेड के समर्थन में प्रचार कर रहे थे।
ट्रंप ने कहा, "हम उन्हें चाहते हैं," ये डेटा सेंटर ओहायो के लिए बहुत पैसा कमाने का मौका हैं। अगर हमने इसे बंद किया, तो ये चीन चले जाएंगे। उन्होंने अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा की बात की। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका को एआई सिस्टम के लिए कंप्यूटिंग क्षमता में वृद्धि की जरूरत है और हमें ऐसी नीतियों से बचना चाहिए जो हमारे निवेश को दूसरे देशों की ओर खींचे।हाल के दिनों में डेटा सेंटर का तेजी से विस्तार विवाद का विषय बन चुका है। ओहायो और अन्य राज्यों में इन केंद्रों को संचालित करने के लिए भारी मात्रा में बिजली की जरूरत होती है। इससे आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल में बढ़ोतरी हो सकती है। ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन "ऐतिहासिक कदम" उठा रहा है जिससे डेटा सेंटर स्थानीय समुदायों के लिए फायदेमंद बने। उन्होंने 'रेटपेयर प्रोटेक्शन एक्ट' का भी समर्थन किया, जो यह सुनिश्चित करेगा कि डेटा सेंटर के कारण दूसरे उपभोक्ताओं की लागत न बढ़े और वे अपनी बिजली की लागत खुद उठाएं। ट्रंप ने कहा, "मैं इस रेटपेयर प्रोटेक्शन एक्ट को तुरंत कानून में बदलने के लिए हस्ताक्षर करूंगा।"
हालांकि, इस विधेयक को अभी तक कानून नहीं बनाया गया है। अमेरिकी सीनेट में इस पर चर्चा हुई, लेकिन इसे आगे बढ़ाने का प्रयास असफल रहा। डेटा सेंटर अब तकनीकी कंपनियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन गए हैं। एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए अधिक कंप्यूटिंग क्षमता की आवश्यकता होती है। इसी कारण कंपनियों को नए डेटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ रही है। लेकिन इसके विस्तार से बिजली कंपनियों के लिए नई चुनौतियां भी पैदा हो रही हैं। कुछ डेटा सेंटर को इतनी बिजली की जरूरत होती है कि इसके लिए नए बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता होती है।
ट्रंप ने अमेरिका और चीन के बीच एआई प्रतिस्पर्धा पर भी जोर दिया। उन्होंने "सुपर इंटेलिजेंस" की दिशा में अमेरिका की बढ़त को स्पष्ट किया। यह बयान उस समय आया जब व्हाइट हाउस ने जापान में एक अंतरराष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी बैठक में अमेरिका समेत 17 देशों द्वारा 'क्योटो विजन फॉर ए गोल्डन एज ऑफ साइंस' का समर्थन करने की घोषणा की। इसमें वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए बेहतर टूल्स, डेटा, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रयोगात्मक सुविधाओं की जरूरत बताई गई है।
ट्रंप की यह रैली मध्यावधि चुनाव से पहले हुई, जिसमें रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में अपना नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रही है। जॉन हस्टेड को पूर्व डेमोक्रेटिक सीनेटर शेरोड ब्राउन के खिलाफ चुनाव लड़ने का मौका मिला है, जबकि विवेक रामास्वामी, जो भारतीय प्रवासियों के बेटे हैं, 2024 में राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन की दौड़ में शामिल हुए हैं। वे अब गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं और उनका मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से है। एक्टन पूर्व स्वास्थ्य विभाग की निदेशक रह चुकी हैं।
इस समय अमेरिका में डेटा सेंटर की व्यावसायिक संरचना और उसकी बिजली की जरूरतों पर गंभीर चर्चा चल रही है। ट्रंप का जोर इस बात पर है कि अमेरिका को अपनी तकनीकी क्षमता को मजबूत करना है, वरना चीन हमें पीछे छोड़ सकता है। डेटा सेंटर का विकास केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं, बल्कि तकनीकी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसलिए ट्रंप और अन्य नेताओं का प्रयास होगा कि इनकी स्थापना और संचालन स्थानीय समुदायों के लिए फायदेमंद हो।
आखिरकार, यह चर्चा केवल अमेरिका के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया की तकनीकी प्रतिस्पर्धा के लिए महत्वपूर्ण है।