बिहार में बाढ़ के बाद जल संसाधन विभाग ने सात इंजीनियरों को निलंबित किया
बिहार में बाढ़ के बाद जल संसाधन विभाग ने सात इंजीनियरों को निलंबित किया
NewsPoint•
बिहार में गंडक नदी में आई बाढ़ के बाद सरकार ने तटबंधों की सुरक्षा और नुकसान के मामलों में जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की है। जल संसाधन विभाग ने गोपालगंज और छपरा में तटबंधों में आई क्षति के लिए लापरवाही बरतने के आरोप में सात इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। यह कदम अधिकारियों की लापरवाही को लेकर उठाया गया है। इससे सरकार ने साफ संकेत दिया है कि तटबंधों की सुरक्षा को लेकर वह गंभीर है।
बाढ़ की स्थितियों से निपटने के लिए जल संसाधन विभाग ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी बढ़ा दी है। गोपालगंज बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल से जुड़े एक कार्यपालक अभियंता मो. साजिद इकबाल, अवर प्रमंडल पदाधिकारी मो. जावेद अंसारी और कनीय अभियंता विकास कुमार को निलंबित किया गया है। इन पर तटबंध के क्षतिग्रस्त होने के बाद आवश्यक कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप है। इन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9 (1) (क) के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन के दौरान इनका मुख्यालय गया में रखा गया है और इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता भी मिलेगा।वहीं, छपरा बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल में भी चार इंजीनियरों पर कार्रवाई की गई है। कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार प्रभाकर, अवर प्रमंडल पदाधिकारी सुनील कुमार, अवर प्रमंडल पदाधिकारी बिनोद कुमार और कनीय अभियंता चंद्रशेखर कुमार को भी निलंबित किया गया है। ये आठों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए।
साल के सितंबर के अंत में नेपाल और बिहार में भारी बारिश हुई थी। इससे गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। इस बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों जैसे पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सारण में बाढ़ की स्थिति को गंभीर बना दिया। तटबंधों पर अधिक दबाव के कारण कई स्थानों पर क्षति आई।
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जल संसाधन विभाग ने तटबंधों की निगरानी और क्षतिग्रस्त हिस्सों के सुधार के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते अब यह कार्रवाई हुई है। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि तटबंधों की सुरक्षा और बाढ़ प्रबंधन में लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
निलंबित किए गए इंजीनियरों के खिलाफ यह कार्रवाई गंडक बाढ़ के बाद जिम्मेदारी तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि सरकार और विभाग भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करेगा। बाढ़ जैसी आपदाओं के समय सरकार की तत्परता और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है, ताकि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस प्रकार, यह स्पष्ट है कि सरकार ने बाढ़ प्रबंधन में लापरवाही के मामलों में सख्त कदम उठाए हैं। इंजीनियरों के निलंबन से यह संदेश जाता है कि जिम्मेदारियों का पालन न करने वालों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा।