पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष का यूसीसी और राजनीतिक विरोध पर बयान
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष का यूसीसी और राजनीतिक विरोध पर बयान
NewsPoint•
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 5 अक्टूबर को न्यूटाउन में एक प्रेस वार्ता में कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के कार्यान्वयन, राज्य में हो रही घटनाओं और विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बारे में बयान दिए। घोष ने कहा कि यूसीसी लागू करना उनकी पार्टी का निर्णय है और सरकार इसे सही समय पर लागू करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास से जुड़े कई काम चल रहे हैं और जनता से किए गए वादों में से अधिकांश पूरे किए जा चुके हैं। जो काम जारी हैं, वे नीतिगत और कानूनी मामलों से जुड़े हैं। इसके लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है।
घोष ने कानून-व्यवस्था पर बात करते हुए कहा कि राज्य में कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हो रही हैं लेकिन पुलिस उन पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दलों में स्पष्ट उद्देश्य, विचारधारा या मूल्य नहीं हैं। उन्होंने कहा, "वे किसी भी मुद्दे पर खड़े हो जाते हैं और अपना चेहरा छिपाकर केंद्र सरकार के खिलाफ अशांति फैलाने की कोशिश करते हैं।" लेकिन उनका यह प्रयास बेकार होगा और इससे उन्हें कोई लाभ नहीं मिलेगा।एक अन्य मुद्दे पर भारतीय पायलटों का जिक्र करते हुए दिलीप घोष ने विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, "अभिनंदन फाइटर प्लेन से पाकिस्तान गए थे और वहां से लौटने के बाद पूरे देश ने उनका स्वागत और सम्मान किया था।" घोष ने एक अन्य पायलट कैप्टन स्मित की भी सराहना की, जिन्होंने बड़ी संख्या में यात्रियों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस दिखाया। उन्होंने कहा कि उनकी दुनियाभर में सराहना हो रही है और प्रधानमंत्री ने भी उन्हें विशेष रूप से सम्मानित और सराहा है। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि इजराइल के प्रधानमंत्री भी उन्हें सम्मानित करना चाहते हैं। यह भारत के लिए गर्व की बात है कि भारतीय अपनी जान जोखिम में डालकर मानवता की सेवा कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि ममता ने अब तक कांग्रेस का समर्थन किया है और सीपीआई (एम) को दोबारा खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए किसी से भी समझौता कर सकती हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर भी दिलीप घोष ने विपक्ष को निशाना बनाया। उन्होंने कहा, "देश के कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं और चुनाव से पहले इंडी गठबंधन किसी न किसी मुद्दे को लेकर सामने आ जाता है।" घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी निकाय चुनाव होने हैं, इसलिए विपक्ष नए मुद्दों की तलाश कर रहा है।
दिलीप घोष के बयानों ने राज्य में राजनीतिक हालात को और गरमा दिया है। उनका यह कहना कि सभी वादे पूरे किए जा चुके हैं, विपक्षी दलों के दावों को चुनौती देता है। इसके साथ ही, उनका पायलटों की सराहना और ममता बनर्जी पर हमला, दोनों ही राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ लाने की कोशिश कर रहे हैं।