डोनाल्ड ट्रंप की गलत जानकारी: भारत में राष्ट्रपति चुनाव का जिक्र, जबकि ब्राजील का चुनाव हुआ
डोनाल्ड ट्रंप की गलत जानकारी: भारत में राष्ट्रपति चुनाव का जिक्र, जबकि ब्राजील का चुनाव हुआ
NewsPoint•
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक गलती की है जब उन्होंने भारत में राष्ट्रपति चुनाव आयोजित कराने की बात की। ये घटना 5 अक्टूबर को हुई जब ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट डाली। उन्होंने लिखा कि "आज भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट दिया। वोटिंग बंद होने के कुछ ही समय बाद, उसी दिन नतीजे भी आ गए!"
पर असल में ट्रंप ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव पर बात करना चाह रहे थे, जिसमें 2 अक्टूबर को पहला दौर हुआ था। ब्राजील के चुनाव में दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से आगे रहे, लेकिन किसी भी उम्मीदवार ने 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट नहीं हासिल किया। नतीजतन, अब 25 अक्टूबर को दोनों के बीच दूसरा दौर होगा। ट्रंप की इस पोस्ट में दी गई जानकारी गलत थी क्योंकि भारत में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता के वोट से नहीं होता।ट्रंप ने मतदान प्रक्रिया के बारे में अमेरिकी चुनावों पर टिप्पणी की और इंगित किया कि कई शहरों और राज्यों में, जैसे डेट्रॉइट और फिलाडेल्फिया में, नतीजे आने में कई हफ्ते लग जाते हैं। उन्होंने कहा, "धांधली करने में, मेरा मतलब है गिनती करने में। अमेरिका में वोटिंग भ्रष्ट है!"
उनकी इस पोस्ट के बाद व्हाइट हाउस के आधिकारिक रैपिड रिस्पॉन्स अकाउंट ने भी इसे शेयर किया। जिसके कारण सोशल मीडिया पर यूजर्स ने ट्रंप की गलती को उजागर किया और उन्हें सही जानकारी दी।
ब्राजील के चुनाव में, ओबरलियन के उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो ने 47.24 प्रतिशत वोट हासिल किए, जबकि लूला को 44.91 प्रतिशत वोट मिले। कोई भी उम्मीदवार जरूरी आंकड़ा पार नहीं कर सका। इससे इसे एक महत्वपूर्ण चुनावी मुकाबला माना जा रहा है।
यह मानते हुए कि फ्लावियो बोल्सोनारो को मजबूत प्रदर्शन करने वाला माना गया है, वो पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं। जायर बोल्सोनारो सैन्य तख्तापलट के जरिए पिछले चुनाव के नतीजों को पलटने की कोशिश में दोषी पाए जाने के बाद 27 साल की जेल की सजा काट रहे हैं।
लूला के लिए अब बड़ी चुनौती यह है कि वह अपने समर्थकों को साथ बनाए रखते हुए उन वोटरों को भी अपने पक्ष में लाएं जिन्होंने पहले दौर में दूसरे उम्मीदवारों को वोट दिया।
ट्रंप की गलती ने न सिर्फ उन्हें आलोचना का सामना कराया, बल्कि यह भी दिखाया कि जानकारी का सही होना कितना महत्वपूर्ण है, खासकर जब बात चुनावी प्रक्रियाओं की हो। इस प्रकार की टिप्पणियों से भ्रामक जानकारी फैल सकती है और जनता को गुमराह कर सकती है।
इस घटना ने सवाल उठाया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति को इतनी महत्वपूर्ण जानकारी में गलती कैसे हो सकती है। क्या वह फेक न्यूज़ में भरोसा कर रहे हैं? क्या वह फेक समाचार फैला रहे हैं? ऐसे कइ सवाल हैं जो लोगों के मन में उठ रहे हैं।
सारांश में, ट्रंप की गलत सूचना ने उनका ध्यान खींचा है, लेकिन ब्राजील के चुनावों का परिणाम अब आने वाला है। दोनों उम्मीदवारों के बीच की प्रतिस्पर्धा दिलचस्प होने वाली है।