पीएम नरेंद्र मोदी ने 25 साल देश सेवा के उपलक्ष्य में गणपति पूजा की, सरोजिनी नगर मंदिर में
पीएम नरेंद्र मोदी ने 25 साल देश सेवा के उपलक्ष्य में गणपति पूजा की, सरोजिनी नगर मंदिर में
NewsPoint•
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर को सुबह दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर में भगवान गणेश की पूजा की। यह दिन उनके सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे करने का भी है। पूजा के दौरान पीएम मोदी ने नवग्रहों और भगवान हनुमान की भी पूजा की। उनके इस धार्मिक कार्यक्रम का उद्देश्य देश के कल्याण का संकल्प लेना था। इस मौके पर मोदी के साथ उपस्थित पुजारियों ने उनके बारे में कहा कि उनकी उपस्थिति ने हम सबको खुशी दी।
पूजा करने के बाद पुजारी नरेश चंद्र भट्ट ने बताया, "प्रधानमंत्री मोदी आए, बहुत अच्छा लगा। मुझे पता भी नहीं था कि वे आ रहे हैं लेकिन यह हमारे लिए हैरानी की बात थी। सबसे पहले, वे यहां आए और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की।" इसके बाद, उन्होंने नवग्रहों के पास जाकर अर्चना की। फिर उन्होंने भगवान हनुमान के सामने अर्चना की और कई अन्य अनुष्ठान किए। पूजारी मनीष मिश्रा ने भी मोदी के इस धार्मिक कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए कहा, "प्रधानमंत्री जैसे ही मंदिर में आए, सबसे पहले गणेश की पूजा की। पूरे दिल्ली में यहीं एक मंदिर है जहां गणेश अपनी दोनों पत्नी के साथ विराजमान हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी पूजा की। इसके बाद हनुमान और नवग्रह की पूजा कर शिव की पूजा की और आरती कर उनकी परिक्रमा की।" उन्होंने यह भी कहा कि "जब से हम यहां रह रहे हैं, तब से पहली बार इस मंदिर में प्रधानमंत्री को आते देखा है। हमारा मंदिर साउथ इंडिया से जुड़ा हुआ है।"
प्रधानमंत्री मोदी का यह कार्यक्रम केवल धार्मिक नहीं था, बल्कि यह उनके और उनके द्वारा किए गए सेवा कार्यों का प्रतिनिधित्व करता है। इस अवसर पर बिनोद शुक्ला ने कहा, "हमें अच्छा लगा कि वो आए, उनके पास समय कम था, इसलिए जल्दी मंदिर से चले गए।"
7 अक्टूबर का दिन मोदी के लिए खास है क्योंकि इसी दिन उनके सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होते हैं। वे 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इसके बाद उन्होंने 2014 में केंद्र की सत्ता संभाली और फिर 2019 से 2024 तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। 2024 के संसदीय चुनावों में एक और निर्णायक जीत के बाद, नरेंद्र मोदी ने 9 जून 2024 को तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।
उनकी यात्रा को मान्यता देने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी उन्हें बधाई दी और एक प्रस्ताव पारित किया। यह संकल्प केवल औपचारिक नहीं था बल्कि ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘नागरिक प्रथम’ के सिद्धांतों से प्रेरित उनकी असाधारण यात्रा का जश्न था।
इस समारोह के माध्यम से नरेंद्र मोदी ने न केवल अपनी धार्मिक भावना को दर्शाया बल्कि देश की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी मजबूत किया है। उनके नेतृत्व और सेवा कार्यों ने उन्हें लोगों के बीच एक विशेष स्थान दिलाया है। आने वाले समय में उनकी योजनाएं और भी ज्यादा जनता के लिए लाभकारी साबित होने की उम्मीद है।