उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के मेडिकल सप्लाई प्रस्ताव को 'अपमान' बताते हुए खारिज किया
उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के मेडिकल सप्लाई प्रस्ताव को 'अपमान' बताते हुए खारिज किया
NewsPoint•
उत्तर कोरिया ने 8 अक्टूबर, गुरुवार को दक्षिण कोरिया द्वारा चिकित्सा सहायता भेजने की योजना को ठुकरा दिया। किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने इसे “अपमान” और “Political उकसावा” कहा। दक्षिण कोरिया ने प्योंगयांग के एक अस्पताल में 1,431 मेडिकल सामान भेजने का प्रस्ताव रखा था, जिसमें जांच व इलाज के लिए जरूरी उपकरण शामिल थे। इस योजना पर किम ने तीखा वार करते हुए इसे “शोर-शराबे वाली और भद्दी हरकत” करार दिया।
दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने कहा था कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कुछ छूट लेकर यह चिकित्सा मदद देने का प्रयास कर रहा है। किम यो-जोंग ने इसे “नाटक” बताते हुए कहा, “यह हमारे देश का अपमान है, हमारे खिलाफ Political मकसद से किया गया उकसावा है और हमारे राष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है।” उनका यह बयान कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने जारी किया।किम ने कहा कि दक्षिण कोरिया ने पहले भी धोखाधड़ी की है। उनका संकेत था कि 21 सितंबर को हुए धमाकों के लिए दक्षिण कोरिया ने उन्हें गलत तरीके से जिम्मेदार ठहराया था। किम का कहना था, “अब जब उनके घटिया नाटक से अच्छे बॉक्स-ऑफिस रिकॉर्ड की उम्मीद करना नामुमकिन है, तो उन्होंने ‘मेडिकल उपकरण की मदद का सीन’ नाम से एक और नाटक रचा है।” उन्होंने यह भी कहा कि प्योंगयांग का सोल के साथ जुड़ने का कोई इरादा नहीं है।
किम ने दक्षिण कोरिया को ‘रिपब्लिक ऑफ कोरिया’ (आरओके) के नाम से संबोधित करते हुए कहा, “हमारे पास आरओके के साथ आदान-प्रदान या साथ चलने के लिए कुछ भी नहीं है और न ही उसके आमने-सामने आने की कोई जरूरत है।” उनके अनुसार, आरओके का वास्तविक चेहरा यही है और इसमें बदलाव की कोई संभावना नहीं है।
वर्तमान समय में, जब दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहद खराब हैं, तो यह स्पष्ट नहीं है कि प्योंगयांग इस सहायता को स्वीकार करेगा या नहीं। यूनिफिकेशन मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने पहले कहा था कि सहायता भेजने की संभावना कम है और सरकार इस मामले में संयुक्त राष्ट्र से समय सीमा बढ़ाने की मांग करेगी।
उत्तर कोरिया ने बातचीत की सभी संभावनाओं को लगभग समाप्त कर दिया है। ऐसे में द्विपक्षीय संबंध बेहतर होने की उम्मीद फिसलती जा रही है। किम के बयान से यह साफ हो गया है कि दोनों देशों के बीच संबंध ठीक होने की कोई गुंजाइश नहीं है। दोनों देशों के तालुकात में और भी ज्यादा तल्खी आ गई है। यह सब मिलाकर कह सकते हैं कि दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।