बिहार विधान परिषद चुनाव: Nda की बैठक से साझा प्रचार और उम्मीदवारों के विवाद पर चर्चा
बिहार विधान परिषद चुनाव: NDA की बैठक से साझा प्रचार और उम्मीदवारों के विवाद पर चर्चा
NewsPoint•
बिहार में विधान परिषद के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने आठ सीटों पर होने वाले स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिए अपनी रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निवास पर बुधवार शाम को गठबंधन के प्रमुख नेताओं की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में चुनाव प्रचार में एकजुटता बनाए रखने और समन्वय से चुनाव को आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक में उपस्थित घटक दलों के नेताओं से कहा, "हमारी प्राथमिकता गठबंधन को देना चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग दलों के बजाय हमें मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए। NDA के नेताओं ने सभी आठ सीटों पर चुनावी तैयारियों का भी जायजा लिया। गौरतलब है कि भाजपा और जेडीयू ने चार-चार सीटों पर चुनाव लडने का फैसला किया है। मतदान 23 अक्टूबर को होगा और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।बैठक में बागियों को मनाने की दिशा में भी चर्चा हुई। NDA ने अपने घटक दलों से कहा है कि वे बागी उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के लिए मनाए। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर है। इस बैठक में जेडीयू से जुड़े नीरज कुमार और अनंत सिंह के विवाद और राष्ट्रीय लोक मोर्चा से संबंधित मामलों पर चर्चा हुई। नेताओं ने उम्मीद जताई कि संबंधित दलों का शीर्ष नेतृत्व इन मुद्दों को सुलझाने में कदम उठाएगा।
बैठक में तय किया गया कि 9 अक्टूबर को NDA विधानमंडल दल की एक और महत्वपूर्ण बैठक बुलाई जाएगी। यह बैठक भी मुख्यमंत्री के आवास पर होगी जिसमें NDA के विधायक और सांसद शामिल होंगे। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी रणनीति को आगे बढ़ाने और प्रचार अभियान के लिए दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाला यह चुनाव स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित है। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, NDA और विपक्षी दलों की गतिविधियाँ भी बढ़ती जा रही हैं। NDA की बैठक में साझा प्रचार और वोटों के बिखराव को रोकने पर जोर देने से यह स्पष्ट होता है कि चुनाव से पहले गठबंधन के भीतर बेहतर समन्वय बनाने की कोशिश की जा रही है।
अब 9 अक्टूबर को होने वाली बैठक और नामांकन वापसी की प्रक्रिया के बाद चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होगी। यह चुनाव राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें सफल होना NDA के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनाव से बिहार की राजनीतिक दिशा और गति को प्रभावित करने वाले कई तत्व सामने आएंगे।
इस प्रकार, चुनावी माहौल को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि पूरे बिहार में राजनीति का तापमान बढ़ गया है और सभी दल अपनी रणनीतियाँ बनाने में जुटे हुए हैं। अब देखते हैं कि आने वाले दिनों में क्या नए मोड़ सामने आते हैं।