नाना पाटेकर का निधन: राष्ट्रपति मुर्मु और उपPresident राधाकृष्णन ने जताया दुख

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दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन 75 साल की उम्र में गुरुवार सुबह हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि नाना पाटेकर का जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ा नुकसान है। उनके द्वारा निभाए गए किरदारों ने लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई। उपराष्ट्रपति ने भी उनके अद्भुत अभिनय और भारतीय सिनेमा में दिए गए योगदान की सराहना की।

पाटेकर को गोवा के डोना पाउला में उनके घर के पास बेहोशी की अवस्था में पाया गया। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गोवा के मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने बताया कि उन्हें सुबह 4:20 से 4:35 के बीच अस्पताल लाया गया। उन्होंने कहा, “हमने उनकी स्थिति देखकर सीपीआर देने की कोशिश की। हमारी टीम सुबह 4:18 बजे उनके घर पहुंच गई थी और उसी समय से सीपीआर शुरू किया, लेकिन तब तक उनका निधन हो चुका था।”
नाना पाटेकर ने 1978 में फिल्म 'गमन' से हिंदी सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कई मराठी फिल्मों में भी अभिनय किया। 1989 में आई फिल्म 'परिंदा' से उन्होंने हिंदी सिनेमा में फिर से वापसी की। इस फिल्म में उन्होंने एक गैंगस्टर की भूमिका निभाई। नाना पाटेकर ने 'प्रहार: द फाइनल अटैक' के जरिए 1994 में निर्देशन में भी कदम रखा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनके निधन पर लिखा, "दिग्गज Actor नाना पाटेकर के निधन से गहरा दुख हुआ है। अपनी दमदार और दिल को छू लेने वाली अदाकारी से उन्होंने इंसानी अनुभवों की एक विस्तृत श्रृंखला को जीवंत किया। उन्होंने ऐसे किरदार निभाए जिन्होंने लोगों के दिलों और दिमाग पर गहरी छाप छोड़ी। समाज सेवा के प्रति उनका समर्पण वंचितों के प्रति उनकी चिंता को दर्शाता था। उनका निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। मैं उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।"

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा, "एक बहुमुखी और बेहद प्रतिभाशाली कलाकार के तौर पर, उन्होंने अपने निभाए हर किरदार में अद्भुत गहराई, संवेदनशीलता और सच्चाई का समावेश किया। भारतीय सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। अपने दमदार अभिनय के लिए मशहूर नाना पाटेकर जी आने वाली पीढ़ियों के सिनेमा प्रेमियों को प्रेरित करते रहेंगे और हमेशा उनके दिलों में बसे रहेंगे। दुख की इस घड़ी में, मैं उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।"

नाना पाटेकर न केवल एक सफल अभिनेता थे, बल्कि वाणिज्यिक फिल्म निर्माता और लेखक भी रहे। उनकी फिल्में दर्शकों के दिलों में एक खास स्थान रखती थीं। उनके अभिनय का जादू और सामाजिक जागरूकता ने उन्हें सिनेमा की दुनिया में एक खास पहचान दिलाई।

उनका योगदान भारतीय सिनेमा में हमेशा याद किया जाएगा। उनके परिधान और अदाकारी ने न केवल सिनेमा जगत को प्रभावित किया, बल्कि आम लोगों के जीवन में भी गहरी छाप छोड़ी। नाना पाटेकर का निधन ना केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि उनके प्रशंसकों और भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ा सदमा है।

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