डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराई नोबेल शांति पुरस्कार मिलने की उम्मीद, आशंका भी जताई

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Navbharat Times
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि इसके मिलने की संभावना पर उन्हें संदेह है। ट्रंप का यह बयान 8 अक्टूबर को आया, जब नॉर्वेजियन नोबेल समिति की पुरस्कारों की घोषणा होने वाली है। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि उनका फैसला क्या होगा।" ट्रंप ने कहा कि समिति की छवि ऐसी है कि वे शायद मुझ जैसे लोगों को यह पुरस्कार नहीं देंगे।

ट्रंप ने पिछले साल व्हाइट हाउस में वापसी के बाद से कई बार यह बात कही है कि वह इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के हकदार हैं। बुधवार रात को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातें करते हुए उन्होंने कहा, "अब समय आ गया है।" उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल जब वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने उन्हें 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार पदक दिया था, तो वह बहुत सम्मान की बात थी। उन्होंने ऐसा अमेरिकी मदद के प्रति आभार जताते हुए किया था।
ट्रंप का दावा है कि उन्होंने दुनिया में आठ संघर्षों को रोकने में अहम भूमिका निभाई है। इसलिए उन्हें यह पुरस्कार मिलना चाहिए। हालांकि, कंबोडिया, इजरायल और पाकिस्तान ने ट्रंप को नामांकित किया है, लेकिन जिन संघर्षों को हल करने का ट्रंप दावा करते हैं, उनमें शामिल पक्ष उनकी कूटनीतिक भूमिका पर सवाल उठाते हैं।

ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध का समाधान निकालने में नाकाम रहे हैं, जबकि उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दिन इसे खत्म करने का वादा किया था। ईरान के मामले में अमेरिका-इजरायल के हमलों के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है।

इस साल नोबेल पुरस्कार की दौड़ में पोप लियो, इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट और फिलिस्तीनी क्षेत्रों के लिए विशेष रैपोर्टेयर प्रमुख दावेदार बने हुए हैं। ट्रंप की उम्मीदें हालांकि बनी हुई हैं, लेकिन उनकी स्थिति पर सवाल उठते रहे हैं।

ट्रंप ने कहा कि "इतिहास में राष्ट्रपति ट्रंप से ज्यादा इसका कोई और हकदार नहीं है।" अब देखना यह है कि क्या सच में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलता है या नहीं।

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