कांग्रेस में शामिल हुए कई प्रमुख नेता, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए नए सियासी बल की स्थापना
कांग्रेस में शामिल हुए कई प्रमुख नेता, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए नए सियासी बल की स्थापना
NewsPoint•
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा राजनीतिक सहयोग मिला है। गुरुवार को, कांग्रेस मुख्यालय, दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कई प्रमुख नेताओं और समाजसेवियों ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी, राजेंद्र पाल गौतम ने इन सभी को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस सूची में आम आदमी पार्टी (AAP) की महिला विंग की उत्तर प्रदेश अध्यक्ष नीलम यादव का नाम सबसे प्रमुख है। नीलम यादव लंबे समय से 'आप' के महिला संगठन की अगुवाई कर रही थीं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के पूर्व उम्मीदवार परमानंद गर्ग, भारत सरकार के पूर्व अधिकारी दुर्गा प्रसाद, और बिजनौर के बुनकर समुदाय के बड़े प्रतिनिधि हाजी इमामुद्दीन अंसारी भी अब कांग्रेस का हिस्सा बन चुके हैं।
इन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने को पार्टी संगठनात्मक मजबूती का एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है। नीलम यादव के आने से पार्टी को महिला वोट बैंक और शहरी संगठन को मजबूती देने की उम्मीद है। वहीं, परमानंद गर्ग और हाजी इमामुद्दीन अंसारी जैसे नेताओं की मौजूदगी से क्रमशः वैश्य और बुनकर समुदाय में कांग्रेस की स्थिति और मजबूत होगी।नए सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए, राजेंद्र पाल गौतम ने भाजपा सरकार पर आलोचना की। उन्होंने कहा, "लोग हर दिन बड़ी संख्या में कांग्रेस से जुड़ रहे हैं, क्योंकि वे भाजपा के 'कुशासन' से तंग आ चुके हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि जनता महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से परेशान है और वे कांग्रेस की ओर देख रहे हैं, जो एक विकल्प के रूप में सामने आ रही है।
गौतम ने आगे बताया कि "आज देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में 'इंडिया' गठबंधन के साथ मिलकर लड़ रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि देश इस समय 'तानाशाही और अघोषित इमरजेंसी' जैसी स्थिति का सामना कर रहा है।
जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए गौतम ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर भी हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के लिए 10 दिन पहले आवेदन जमा करने का पुलिस का नया आदेश नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि सरकार लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है।
इस तरह, कांग्रेस के लिए यह एक महत्वपूर्ण आंदोलन है और वह विधानसभा चुनाव से पहले अपनी स्थिति को मजबूत कर रही है। नए सदस्यों के साथ, पार्टी को उम्मीद है कि वह जनता के बीच अपनी उपस्थिति और प्रभाव बढ़ा सकेगी।