सीएम भूपेंद्र पटेल ने 2047 के लिए विकसित गुजरात का रोडमैप तैयार करने के लिए चिंतन शिविर का शुभारंभ किया
सीएम भूपेंद्र पटेल ने 2047 के लिए विकसित गुजरात का रोडमैप तैयार करने के लिए चिंतन शिविर का शुभारंभ किया
NewsPoint•
गांधीनगर। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 8 अक्टूबर को गांधीनगर में सड़क एवं भवन विभाग के दो दिवसीय चिंतन शिविर का शुभारंभ किया। इस शिविर का विषय था ‘गति-गुणवत्ता और गौरव: एक्सीलरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर विकसित गुजरात 2047’। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के नागरिकों को बेहतरीन सड़क नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं प्रदान करने के लिए सामूहिक चिंतन महत्वपूर्ण है। यह चिंतन शिविर विभाग के वर्क असिस्टेंट से लेकर सचिव स्तर के अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया है।
मुख्यमंत्री पटेल ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा 2003 में शुरू की गई चिंतन शिविर की परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह भी कहा था कि, "साथ आना शुरुआत है, साथ विचार करना प्रगति है और साथ काम करना सफलता है।" उन्होंने सभी से ‘मैं नहीं, हम’ की भावना अपनाने और ‘स्वयं से वयम’ के ध्येय को ध्यान में रखने की अपील की। भूपेंद्र पटेल ने सड़क एवं भवन विभाग को सरकार का महत्वपूर्ण विभाग बताया। उन्होंने कहा कि लोगों की प्रशंसा के साथ-साथ यदि कहीं कमी दिखाई देती है, तो उसकी आलोचना भी होती है। इसलिए यह अत्यंत आवश्यक है कि इस विभाग में क्वालिटी से कोई समझौता न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि गलती अनजाने में हो जाए, तो उसे सुधारना संभव है, लेकिन जानबूझकर की गई गलती माफ नहीं की जा सकती।
पटेल ने टेंडर प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देने की बात भी की। उन्होंने कहा कि मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार कार्य होना चाहिए और कार्य समय सीमा में पूरा हो। चिंतन शिविर के दौरान उन्होंने आत्ममंथन को व्यक्तिगत जीवन में सुधार लाने का माध्यम बताया। साथ ही, गुजरात को विकसित भारत 2047 के संकल्प में अग्रणी रखने का संकल्प भी व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात आज देश के लिए रोल मॉडल है और सभी की नजर गुजरात की ओर है। उन्होंने सभी को टिकाऊ विकास की दिशा में सामूहिक पुरुषार्थ के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शिविर के उद्घाटन में ‘बिल्डिंग हेल्थ मॉनिटरिंग’ और ‘ब्रिज एसेट मैनेजमेंट’ संबंधी पुस्तिकाओं का विमोचन किया गया। साथ ही, उत्कृष्ट कार्य करने वाले इंजीनियरों और अधिकारियों को अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
मुख्य सचिव एमके दास ने भी इस अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि सड़क एवं भवन विभाग राज्य के विकास को गति देने वाला और आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया देने वाला एक पुराना विभाग है। उन्होंने सड़क निर्माण के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि, "सड़कें मानवता के लिए जीवन रेखा हैं।" उन्होंने श्रीमद् भगवद् पुराण में वर्णित महाराजा पृथु का उदाहरण दिया, जिन्होंने पहली बार समतल सड़कें बनवाई थीं।
मुख्य सचिव दास ने भविष्य की विकास दिशा पर बात करते हुए कहा कि सड़क एवं भवन विभाग का बजट बहुत कम समय में 12,000 करोड़ से बढ़कर 30,000 करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने कहा कि, "विकसित गुजरात-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए हमें आगामी 20 वर्षों में 11 गुना अधिक निर्माण कार्य करना है।" उन्होंने आगामी समय में भारी यातायात समस्याओं का समाधान करते हुए सड़कें तेज, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण बनाने की आवश्यकता रखी।
मुख्य सचिव ने ‘फ्रॉम द ग्राउंड अप’ दृष्टिकोण अपनाने की बात की। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों से उचित कार्य लेने की आवश्यकता है और सभी को स्वतंत्र रूप से सोचकर 2047 के लिए एक स्पष्ट ‘एक्शन प्लान’ तैयार करने का सुझाव दिया। सड़क एवं भवन विभाग के सचिव पीआर पटेलिया ने चिंतन शिविर की रूपरेखा पेश करते हुए कहा कि हमारा प्रयास नए विचारों और तकनीक पर चर्चा करना है।
सचिव पटेलिया ने यह भी कहा कि विभाग में पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इनमें गवर्नेंस परफॉर्मेंस इंडेक्स (GPI) और ठेकेदारों के लिए परफॉर्मेंस बेस्ड रेटिंग, क्वालिटी कंट्रोल बेस्ड इवैल्यूएशन सिस्टम (QCBS) शामिल हैं। इसके साथ ही, निविदा अनुमोदन प्रक्रिया की समय सीमा को कम किया गया है ताकि कार्य तेजी से हो सके।
इस दौरान, प्रेरक वक्ता अक्षय पात्र फाउंडेशन के उपाध्यक्ष रेयराम दास ने सभी प्रतिभागियों को मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में जल संसाधन सचिव पीसी व्यास और सड़क एवं भवन विभाग के विशेष सचिव जेए गांधी भी उपस्थित थे।
कुल मिलाकर, यह चिंतन शिविर गुजरात की विकास यात्रा को गति देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसे एक अवसर बताया जिससे राज्य के नागरिकों के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा सके। यह कदम न केवल वर्तमान में, बल्कि भविष्य में भी विकास की गति बनाए रखेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को ‘विकसित भारत के लिए विकसित गुजरात’ के संकल्प को साकार करने में एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। सभी सहयोगी संगठनों और अधिकारियों की सहयोग की आवश्यकता है ताकि हम इस दिशा में ठोस कदम उठा सकें और अपनी सड़कों और इमारतों की गुणवत्ता को बनाए रख सकें। यह चिंतन शिविर न केवल विभाग के लिए, बल्कि राज्य की समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटना साबित होगा।
भविष्य में सड़क एवं भवन विभाग की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए यह चिंतन शिविर एक ठोस आधार तैयार करेगा। इससे विकसित गुजरात बनाने का सपना साकार करने में मदद मिलेगी। गुजरात के नागरिक अब बेहतर सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर की उम्मीद कर सकते हैं जो उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा।