स्मृति मंधाना बनी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान, अंजुम चोपड़ा की प्रतिक्रिया

NewsPoint•
Navbharat Times
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने कहा है कि स्मृति मंधाना को हरमनप्रीत कौर की जगह लेने की चिंता नहीं करनी चाहिए। उन्हें अपनी कप्तानी की राह खुद तय करनी चाहिए। स्मृति को भारत की सभी फॉर्मेट की कप्तान बनाया गया है, और यह उनके लिए एक नया सफर है। 16 अक्टूबर से जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली तीन टी20 मैचों की सीरीज में उनका पहला काम होगा।

अंजुम चोपड़ा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "स्मृति को हरमन की जगह लेने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। उन्हें इंडिया को लीड करने का अनुभव है।" उन्होंने स्मृति की पहली कप्तानी का जिक्र करते हुए कहा कि यह 2019 में इंग्लैंड के खिलाफ गुवाहाटी में हुआ था। अंजुम ने बताया कि स्मृति को नेतृत्व का अच्छी खासी जानकारी है क्योंकि उन्हें हरमन या किसी और से ज्यादा लीडरशिप का अनुभव मिला है। इससे उन्हें खुद का रास्ता बनाने में मदद मिलेगी।
चोपड़ा ने उम्मीद जताई कि स्मृति अपनी कप्तानी में पिछले कई वर्षों में जो कुछ भी सीखा है, उसे अपने फायदें के लिए इस्तेमाल करेंगी। "स्मृति अपनी कप्तानी के अनुभव और इस ग्रुप के साथ-साथ आने वाले खिलाड़ियों के साथ अपनी जान-पहचान का इस्तेमाल कैसे करती है, ताकि वह एक ऐसी लीडर बन सके जिससे हर कोई जवाब मांगे। उनकी कप्तानी को भविष्य में मापा जाएगा।"

कप्तानी के बदलाव के साथ टीम कैसे आगे बढ़ेगी, इसे लेकर अंजुम ने कहा, "यह एक आसान शुरुआत होगी।" जिम्बाब्वे पहली बार भारत के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज खेलने जा रहा है। इससे स्मृति और उनकी टीम को एडेप्ट होने में थोड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा, "भारतीय टीम को सेटल होने के लिए थोड़ा समय मिलेगा, और मुझे लगता है कि सीरीज शुरू होने से पहले एक कैंप होगा।"

चोपड़ा ने कहा, "इस सीरीज में खिलाड़ियों के पास एडजस्ट करने के लिए जगह और समय होगा।" उन्हें लगता है कि चेंज रूम में सबको जल्दी ही समझ आ जाएगा कि उन्हें इंस्ट्रक्शन और गाइडेंस के लिए एक अलग दिशा में देखना होगा। वह यह भी कहती हैं कि "टी20 और वनडे टीमों के लिए कप्तान एक ही रहता है।" यह आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी है, जहां हर खिलाड़ी का प्रदर्शन देखा जाएगा।

अंजुम ने स्पष्ट किया कि मंधाना पूर्व में कप्तान रह चुकी हैं। उन्होंने विमेंस प्रीमियर लीग में आरसीबी को दो खिताब दिलाए हैं। "वह इंडियन टीम की लीडर के तौर पर कैसे सामने आती है, यह हम सब देखेंगे।" उनके अनुसार, "जो कुछ भी पहले हुआ, वह हो चुका है। अब काम साफ तौर पर तय है। आप इंडियन टीम के कप्तान हैं। अब हम यहाँ से विश्लेषण करेंगे।"

अंजुम ने कहा कि स्मृति की सबसे बड़ी चुनौती कमजोरियों को दूर करना होगा ताकि टीम को और आगे बढ़ाया जा सके। "दीप्ति, स्मृति, जेमिमा सभी एक साथ इस मुकाम तक पहुंची हैं। अब इसे अगले लेवल पर ले जाने का समय है।" उन्होंने कहा कि यह एक रिले रेस में बैटन पास करने के जैसा है।

उन्होंने यह भी बताया कि स्मृति के पास कप्तानी का अच्छा अनुभव है। उनका स्किल लेवल भी बहुत अच्छा है। "उन्हें दुनिया भर के हालात और विरोधियों का भी ज्ञान है। उनका अगला कदम यह तय करना है कि उन्हें अपने फैसले लेने में किन बातों को अपनाना है।"

अंजुम के अनुसार, सभी खिलाड़ियों को अपनी व्यक्तिगत भूमिका को समझना होगा ताकि वो टीम के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकें। यह महत्वपूर्ण है कि हर खिलाड़ी को अपना रास्ता खुद तय करना होगा। कप्तान आखिरी फैसला लेती हैं, लेकिन पूरी टीम को मिलकर काम करना है।

स्मृति मंधाना को कप्तान बनाना एक नया अध्याय है। अब देखना है कि वह किस तरह से अपने लीडरशिप कौशल का परिचय देती हैं और टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक बनती हैं। यह एक चुनौती है, लेकिन अंजुम जैसे पूर्व क्रिकेटरों का समर्थन स्मृति को मजबूती देगा।

भारतीय महिला क्रिकेट में यह बदलाव काफी उत्साहजनक है और इसकी सफलता का इंतजार रहेगा। सभी की नजरें स्मृति के प्रदर्शन पर होंगी, और यह देखना दिलचस्प होगा कि वह इस नई जिम्मेदारी के साथ कैसे आगे बढ़ेंगी।