कोलकाता में पूर्व सांसद विकास भट्टाचार्य पर हमले के मामले में बप्पा गुचैत की गिरफ्तारी

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Navbharat Times
कोलकाता, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस ने एक 29 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी विकास रंजन भट्टाचार्य के घर पर हुए हमले के मामले में की गई है। भट्टाचार्य एक वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और उन्होंने पूर्व में सीपीआई (एम) के लिए राज्यसभा में कार्य किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान बप्पा गुचैत के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गुरुवार तड़के कोलकाता के गारिया इलाके में उसके घर से हिरासत में लिया।

अधिकारियों ने बताया कि गुचैत पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें जानबूझकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, इलाके में शांति भंग करना, दूसरों का अपमान करना, डराना-धमकाना, अपराध के सबूत मिटाना, और धोखाधड़ी शामिल हैं। पुलिस ने शुक्रवार को इस व्यक्ति को अदालत में पेश करने की योजना बनाई है। सरकारी वकील पुलिस कस्टडी की मांग करेंगे।
गुरुवार को, कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे ने वकीलों पर हो रहे हमलों के बारे में चिंता व्यक्त की। उन्होंने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इस मामले में उठाए गए कदमों पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस घटना के संदर्भ में, पुलिस को भट्टाचार्य के आवास के पास लगे सीसीटीवी कैमरों से सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर बप्पा गुचैत को गिरफ्तार किया गया।

गुचैत की गिरफ्तारी के दौरान, सोशल मीडिया पर उसकी एक तस्वीर भी वायरल हुई है। इस तस्वीर में वह गले में एक स्कार्फ पहनने हुआ है, जिस पर तृणमूल कांग्रेस का चुनावी निशान बना हुआ है। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वह कभी तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा रहा होगा। हालांकि, पुलिस ने उसकी तस्वीर अभी तक मीडिया को जारी नहीं की है और न ही उसकी पुष्टि की है।

इस बीच, एक हिंदू संगठन ने कोलकाता पुलिस के टोपसिया और गारफा पुलिस थानों में भट्टाचार्य के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज कराई हैं। इन शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि भट्टाचार्य ने एक विशेष धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर चिंता पैदा हो गई है। वकीलों पर हमलों की बढ़ती घटनाएं एक गंभीर मुद्दा बन गई हैं। पुलिस और राज्य सरकार को इस पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। समाज में शांति बनाए रखने के लिए इसे रोकना बेहद जरूरी है। पुलिस अब गुचैत से पूछताछ कर रही है, ताकि यह जान सके कि इस हमले में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।

पुलिस ने यह भी सुनिश्चित किया है कि पुनः ऐसी घटनाएं न हों। इस समय हर कोई इस मामले को लेकर चिंतित है और यह उम्मीद कर रहा है कि न्याय मिलेगा।