धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाया, कांग्रेस को राष्ट्रीय सुरक्षा पर अपने रुख में बदलाव के लिए जिम्मेदार ठहराया
धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाया, कांग्रेस को राष्ट्रीय सुरक्षा पर अपने रुख में बदलाव के लिए जिम्मेदार ठहराया
NewsPoint•
भाजपा सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने राहुल गांधी को राजनीतिक अवसरवाद का प्रतीक बताया है। इस बयान को उन्होंने 9 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया। प्रधान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर अपने विचारों को बदल लिया है। उन्होंने हैरानी जताई कि एक साल में ऐसा क्या बदल गया कि कांग्रेस सिद्धांतों को छोड़ने के लिए मजबूर हुई?
धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा, "अगर राजनीतिक अवसरवाद का कोई चेहरा होता तो विपक्ष के नेता राहुल गांधी उसके ध्वजवाहक होते।" उन्होंने राहुल गांधी की विदेश में भारत के लोकतंत्र पर उठाए गए सवालों और खुद भारतीय सत्ता के खिलाफ लड़ाई का ऐलान करने का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति ने उनकी प्राथमिकताओं को संदेह में डाल दिया है।कांग्रेस के रुख में बदलाव को लेकर वह चिंतित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि राजनीतिक सुविधाओं के लिए सिद्धांतों को नहीं छोड़ना चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान ने भारत की संप्रभुता पर जोर देते हुए कहा कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है। उन्होंने कहा, "भारत की नीतियां इसके अपने संस्थानों, कानूनों और राष्ट्रीय हितों से तय होती हैं, न कि विदेशी दबाव या 'एक्स' पर चलने वाले नैरेटिव से।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत कभी भी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और न ही किसी को अपने फैसले तय करने देगा। कोई भी दबाव, उकसावा या राजनीतिक एजेंडा भारत को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। हमने ऐसा कभी नहीं किया और न ही कभी करेंगे।"
धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि भारत वैश्विक कंपनियों, नवाचार और निवेश का स्वागत करता है। ऐसे व्यवसाय जो भारतीय कानूनों का सम्मान करते हैं और सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं, वे बाजार में फलने-फूलने का अवसर पा सकते हैं। उन्होंने कहा, "हम दुनिया के लिए खुले हैं, लेकिन हम कभी भी अपने देश के हितों से समझौता नहीं करेंगे।"
कांग्रेस को उजागर करते हुए, प्रधान ने कहा कि "कांग्रेस को इतने संवेदनशील मुद्दे पर अपना रुख बदलने के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।" उन्होंने सवाल उठाया, "क्या प्रभावशाली बाहरी ताकतों से राजनीतिक समर्थन और संसाधन पाने की चाहत, भारत के अपने संस्थानों में भरोसे से ज्यादा अहम होती जा रही है?"
उन्होंने अंत में कहा, "इतिहास उन लोगों को सबक सिखाता है जो राजनीतिक फायदे के लिए राष्ट्रीय हितों से समझौता करते हैं। भारत की जनता सब देख रही है, और कांग्रेस को यह याद रखना चाहिए कि हमारे राष्ट्रीय हित बातचीत या सौदेबाजी का विषय नहीं हैं।"
धर्मेंद्र प्रधान का यह बयान राजनीतिक माहौल में चर्चा का विषय बन गया है, और उनकी सरकार की नीतियों को लेकर चिंताओं को उजागर करता है। उनकी बातों ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।