42 पूर्व न्यायाधीशों का चुनाव आयोग को चेतावनी भरा पत्र, कांग्रेस नेता उदित राज ने उठाए गंभीर सवाल
42 पूर्व न्यायाधीशों का चुनाव आयोग को चेतावनी भरा पत्र, कांग्रेस नेता उदित राज ने उठाए गंभीर सवाल
NewsPoint•
नई दिल्ली में, 9 अक्टूबर को 42 पूर्व न्यायाधीशों द्वारा चुनाव आयोग को कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ एक खुला पत्र लिखा गया है, जिसने राजनीतिक बयानबाजी को तेज कर दिया है। कांग्रेस नेता उदित राज ने इस मामले पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग गलत फैसले लेता है या मनमाने तरीके से वोटर लिस्ट में बदलाव करता है, तो विपक्ष जरूर आवाज उठाएगा। यह विपक्ष का कर्तव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ विपक्ष का मामला नहीं है, बल्कि हर नागरिक को इस मुद्दे पर अपनी राय रखनी चाहिए। यह लोकतंत्र की हत्या का मामला है।
उदित राज ने राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष की लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि "लोकतंत्र, संविधान और वोट को बचाना बेहद जरूरी हो गया है।" उन्होंने राहुल गांधी की सराहना करते हुए कहा, "जितना काम इस समय राहुल गांधी कर रहे हैं, उतना शायद ही कोई कर रहा है।" उन्होंने राहुल गांधी को सामाजिक न्याय का योद्धा और वोट बचाने का योद्धा बताया।उन्होंने कहा कि अगर हम आज विश्वासघात और गद्दारी के खिलाफ नहीं खड़े हुए, तो कब होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में चुनाव हुए, वहां लाखों वोट काटे गए। जब सड़कों पर आंदोलन तेज हुआ, तब चुनाव आयोग को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि आयोग ने अब कहा है कि जिन राज्यों में वोट काटे गए हैं, वहां फॉर्म भरकर उन्हें फिर से जोड़ने का काम किया जाएगा। इससे ये साफ होता है कि लोकतंत्र को बचाने की कोशिश सफल हो रही है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी द्वारा राहुल गांधी पर लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोप का उदित राज ने जोरदार जवाब दिया। उन्होंने कहा, "अगर भाजपा यह मानती है कि EVM बिल्कुल सही है, तो फिर भाजपा के ही वरिष्ठ नेताओं ने इसका विरोध क्यों किया था?" उन्होंने उदाहरण दिया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने EVM का विरोध किया था और सुब्रमण्यम स्वामी सुप्रीम कोर्ट तक गए थे। उन्होंने कहा, "दुनिया के कई देशों ने जो पहले EVM से चुनाव कराए, अब उसे छोड़ दिया है।"
उदित राज ने एलन मस्क का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि इस समय एलन मस्क से बड़ा कोई वैज्ञानिक या टेक्नोक्रेट होगा, उन्होंने भी कहा है कि EVM से निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकता।" इसके अलावा, जर्मनी जैसे कई देशों ने EVM को अपनाने के बाद अब छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि आजकल सॉफ्टवेयर और तकनीक इतनी विकसित हो गई है कि हैक करना कोई मुश्किल काम नहीं रहा।
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन में ममता बनर्जी की भागीदारी पर पूछे गए सवाल पर उदित राज ने कहा कि सीजेपी को इंडिया गठबंधन के पीछे खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा, "यह राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि वोट बचाने की लड़ाई है।"
यह सब बातें दर्शाती हैं कि कांग्रेस और उसके नेता लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट हैं। उदित राज के बयान से स्पष्ट है कि लोकतंत्र की सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है। आज का समय यह दिखाता है कि अगर हम एकजुट नहीं होंगे, तो हमारे लोकतंत्र को खतरा हो सकता है। यह एक ऐसी लड़ाई है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है, चाहे वह किसी भी क्षेत्र से ताल्लुक रखता हो।
इस स्थिति में विपक्ष का काम है कि वह देशवासियों को जागरूक करे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करे। हमारे लोकतंत्र की नींव लोगों के मतों पर ही निर्भर करती है, और इसे बचाना सभी का कर्तव्य है।