अखिलेश यादव ने भाजपा पर चुनाव में बेईमानी और मतदाता सूची में हेरफेर के गंभीर आरोप लगाए

NewsPoint•
Navbharat Times
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव में धांधली कर रही है और मतदाता सूची में हेरफेर करने की साजिश कर रही है। यह बयान उन्होंने 18 अक्टूबर को सपा के प्रदेश मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दिया। अखिलेश ने भाजपा पर फर्जी वोट बनवाने और विरोधी दलों के असली वोटों को काटने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा के खराब शासन से परेशान है और वह 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन के लिए तैयार है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा अपनी बेईमानी को ताकत समझती है। वे चुनाव जीतने के लिए कई तरह की चालें चलती हैं। उन्होंने कहा, "भाजपा कानून और संविधान को नहीं मानती तथा चुनाव जीतने के लिए बेईमानी करती है।" उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता को वोट चोरी और चंदा चोरी के बारे में सावधान करें।
सपा प्रमुख ने भाजपा को कथित तौर पर जनता की नाक के नीचे बेईमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "भाजपा समाजवादी पार्टी के नेतृत्व पर झूठे आरोप लगाने को अपनी सफलता समझती है, लेकिन जनता उसकी बेईमानी और झूठ को समझ चुकी है।" उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा अब किसी तरह की मिलीभगत से चुनाव नहीं जीत सकेगी।

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अन्याय से जनता त्रस्त है। उन्होंने कहा, "भाजपा को भूमाफिया पार्टी करार देते हुए आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में गरीबों और असहायों की भूमि पर कब्जा किया जा रहा है।" उन्होंने यह भी कहा कि न्याय मांगने पर उल्टे इन्हें फंसाया जा रहा है, और पुलिस ऐसे मामलों में भाजपा समर्थित दबंगों के साथ खड़ी दिखती है। उन्होंने जनता के असंतोष को भी उजागर किया, जिनका कहना है कि वे भाजपा के कुशासन के खिलाफ खड़े हैं।

अखिलेश ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश की जनता बदलाव की इच्छा रखती है। "भाजपा सरकार के खिलाफ लोग एकजुट होने लगे हैं, विशेषकर पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग," उन्होंने कहा। वह इस पर जोर देते हैं कि इन वर्गों के साथ अन्याय हो रहा है और भाजपा सरकार निरंतर उनके अधिकारों का उल्लंघन कर रही है।

वे शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधते हैं। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री की रूढ़िवादी और पुरातनपंथी सोच ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को गर्त में धकेल दिया है।" अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में सरकारी स्कूलों की संख्या कम हो रही है और शराब की दुकानें बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दस वर्ष में 26 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालय बंद हो गए हैं।

अखिलेश यादव ने भाजपा के भ्रष्टाचार की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में بھی घोटाले किए हैं। उन्होंने कहा, "सिर्फ पेपर लीक ही नहीं, बल्कि भाजपा सरकार जानबूझकर परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक कराती है।" उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं।

सपा प्रमुख ने यह भी बताया कि भाजपा ने भाजपा की योजनाओं में भ्रष्टाचार और लूट की स्थिति उत्पन्न की है। उन्होंने कहा कि "भाजपा सरकार ने किसानों, नौजवानों, शिक्षकों और छात्रों को छलने का काम किया है।" जनहित के नाम पर कोई काम नहीं हुआ है और सरकार की उपलब्धियां शून्य हैं।

अखिलेश ने भाजपा सरकार के लिए यह भी कहा कि "सत्ता में बैठकर समय बर्बाद करना, झूठ बोलना और विरोधी दलों को बदनाम करना ही भाजपा नेतृत्व का एजेंडा रह गया है।" उन्होंने यह भी चेताया कि भाजपा की पोल खुल चुकी है और अब जनता अपने वोट से भाजपा की सच्चाई को उजागर करेगी।

अखिलेश यादव ने यह दावे भी किए कि 2027 में भाजपा सत्ता से हट जाएगी और फिर कभी वापस नहीं लौटेगी। उनका मानना है कि भाजपा की गलत नीतियों ने उसे जनता के बीच बदनाम कर दिया है। दूसरे शब्दों में, उन्होंने पूरी पार्टी को सचेत किया कि जनता इस बार बदलाव के लिए तैयार है और वे निश्चित रूप से अपने वोट का सही उपयोग करेंगी।

इस प्रकार, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर कई मुद्दों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनकी यह रट हर उस समर्थक के लिए एक स्पष्ट संदेश है, जो बदलाव की उम्मीद रखता है।

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