कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ में 19 लोगों की मौत, बिहार मंत्री संतोष सुमन ने की प्रशासनिक खामियों की जांच की मांग
कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ में 19 लोगों की मौत, बिहार मंत्री संतोष सुमन ने की प्रशासनिक खामियों की जांच की मांग
NewsPoint•
बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष सुमन ने कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत पर शोक जताया। उन्होंने इस घटना के लिए प्रशासनिक खामियों की जांच की मांग की। उनका कहना है कि इस तरह की बड़ी घटना में बिजली का शॉर्ट-सर्किट होना गंभीर मामला है और इस पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
डॉ. सुमन ने प्रशांत भूषण के 'रिजीम चेंज' वाले बयान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने एसआईआर को लेकर आंदोलन किया है और सीजेआई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अब वे 'रिजीम चेंज' की बात कर रहे हैं। उनके शब्दों में, "मतलब, उनके इरादे साफ हो चुके हैं; ये लोग किसी न किसी तरह से सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। ये लोग देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं।" उन्होंने चर्चा करते हुए कहा कि इन लोगों की मंशा भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करना चाहती है। लेकिन भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां जनता ही सरकार बनाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता ही चुनाव में बताएगी कि कौन शासन करेगा या नहीं। इसी सिलसिले में उन्होंने नेहा बोरा का भी उल्लेख किया। बोरा ने कहा था कि "जिस तरह से बांग्लादेश के जेनजी ने 'रिजीम चेंज' किया, उसी तरह से हम भी भारत में 'रिजीम चेंज' करना चाहते हैं।" इस पर डॉ. सुमन ने कहा कि "जनता सब देख रही है। यही वजह है कि इन विभाजनकारी लोगों के मंसूबे कभी सफल नहीं हो सकते।"
फिर सांसद पप्पू यादव के उस बयान की ओर इशारा करते हुए जिसमें उन्होंने कहा था कि छेड़खानी करने वालों के हाथ काटने पर दो लाख रुपए इनाम देंगे, डॉ. सुमन ने कहा कि "पप्पू यादव तरह-तरह की बातें करते हैं। भगवान जाने उनके पास इतना पैसा कहां से आता है।" उन्होंने कहा कि बिहार में कोई समानांतर सरकार नहीं चल सकती। यह सरकार केवल कानून और संविधान से चलती है। उन्होंने यह भी कहा कि "कानून में हर तरह की सजा का प्रावधान है।"
इस बीच, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने ग्वालियर में हुई सड़क दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने हर मृतक के परिवार को 4 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायल लोगों को 2 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और सभी घायलों के लिए मुफ्त उपचार का भी वादा किया।
इस प्रकार, डॉ. संतोष सुमन और अन्य नेताओं का बयान दर्शाता है कि राजनीति में संवेदनशीलता और जनहित को ध्यान में रखना कितना आवश्यक है। ऐसी घटनाओं से सभी नेताओं को सावधान रहना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएँ ना हों।