राजस्थान निकाय चुनाव: भाजपा प्रत्याशी के लापता होने से नामांकन खारिज होने तक, चुनावी हलचल तेज
राजस्थान निकाय चुनाव: भाजपा प्रत्याशी के लापता होने से नामांकन खारिज होने तक, चुनावी हलचल तेज
NewsPoint•
राजस्थान में निकाय चुनाव का माहौल गरमाया हुआ है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई जिलों में अजीबोगरीब घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे चुनावी समीकरण बदल रहे हैं। कहीं प्रत्याशी अचानक गायब हो गए हैं, तो कहीं नामांकन रद्द होने या वापस लेने से कांग्रेस को जीत मिल गई है, वहीं भाजपा को झटका लगा है। अलवर में पूर्व सभापति का नामांकन खारिज हो गया, जबकि हनुमानगढ़ में कांग्रेस के तीन प्रत्याशियों के पर्चे रद्द होने से पार्टी नाराज है। जोधपुर में टिकट न मिलने पर एक भाजपा कार्यकर्ता केंद्रीय मंत्री के सामने रो पड़ा। इन सब घटनाओं से चुनावी मैदान में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में कई सीटों पर मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले की प्रागपुरा नगर पालिका में वार्ड 32 से भाजपा प्रत्याशी बुधराम गढ़वाल के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया है। उनके बेटे राहुल चौधरी ने प्रागपुरा थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन अभी तक प्रत्याशी का कोई सुराग नहीं मिला है। निकाय चुनाव के बीच भाजपा प्रत्याशी के इस तरह गायब होने की घटना ने इलाके में खूब चर्चा बटोरी है।सीकर में एक चौंकाने वाला वाकया हुआ, जहां सीकर नगर परिषद के वार्ड 65 से भाजपा प्रत्याशी पिंकी पंवार ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके चलते कांग्रेस प्रत्याशी माया देवी निर्विरोध निर्वाचित हो गईं। इस घटना से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई, वहीं भाजपा के सामने यह एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
अलवर नगर निगम में भी चुनावी समीकरण बदल गए हैं। वार्ड 52 से पूर्व सभापति शकुंतला सोनी का नामांकन रद्द कर दिया गया है, जिससे इस सीट पर मुकाबला अब अलग दिशा में जाएगा। वहीं, हनुमानगढ़ नगर परिषद में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के तीन प्रत्याशियों के नामांकन खारिज कर दिए गए हैं। इनमें वार्ड 37 से रोहित जावा, वार्ड 31 से लखवीर सिंह और वार्ड 52 से बंशी खन्ना शामिल हैं। खास बात यह है कि रोहित जावा NSUI के जिलाध्यक्ष भी हैं। कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन रद्द होने से नाराज पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना देकर अपना विरोध जताया।
जोधपुर में टिकट वितरण को लेकर एक भावुक पल देखने को मिला। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात के दौरान भाजपा कार्यकर्ता धन्नाराम उनके गले लगकर रोने लगा। धन्नाराम जोधपुर नगर निगम के वार्ड 10 से भाजपा का टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। टिकट न मिलने की निराशा उनकी आंखों से छलक पड़ी। इस दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की।
नामांकन वापसी और नामांकन खारिज होने के बाद राजस्थान के कई वार्डों में निकाय चुनावों की तस्वीर काफी बदल गई है। अब राजनीतिक दल अपने बचे हुए प्रत्याशियों के समर्थन में जोर-शोर से प्रचार अभियान में जुट गए हैं। प्रत्याशियों से जुड़े विवादों और नामांकन संबंधी मामलों ने चुनावी माहौल को और भी गरमा दिया है। आने वाले दिनों में कई सीटों पर मुकाबला काफी कड़ा और दिलचस्प होने की पूरी संभावना है।