जयपुर निकाय चुनाव: Ugc रोलबैक पोस्टरों से बीजेपी के गढ़ में कांग्रेस की सेंधमारी की कोशिश
जयपुर निकाय चुनाव: UGC रोलबैक पोस्टरों से बीजेपी के गढ़ में कांग्रेस की सेंधमारी की कोशिश
NewsPoint•
जयपुर के विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र में निकाय चुनाव से ठीक पहले सियासी पारा चढ़ गया है। बीजेपी का मजबूत गढ़ माने जाने वाले इस इलाके में 'UGC रोलबैक' के पोस्टर खूब दिख रहे हैं। इन पोस्टरों से बीजेपी के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश हो रही है। खास बात यह है कि यह अभियान उन इलाकों में ज्यादा असर दिखा रहा है, जहां बीजेपी का पारंपरिक वोट बैंक मजबूत है। श्री राजपूत करणी सेना ने निकाय चुनावों में बीजेपी का विरोध करने का ऐलान किया है, जिसके बाद विद्याधर नगर में यह मुद्दा और गरमा गया है। स्वर्ण समाज के कुछ लोग कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन में UGC रोलबैक और दूसरे मुद्दों को लेकर पोस्टर लगा रहे हैं।
कांग्रेस का दावा है कि बीजेपी से उसका पारंपरिक वोट बैंक नाराज है। कांग्रेस के उम्मीदवार कह रहे हैं कि UGC रोलबैक, जेन-जी आंदोलन, राम मंदिर चंदा चोरी जैसे कई मुद्दों से बीजेपी का कोर वोटर अब उससे दूर जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि बीजेपी ने पिछले 12 सालों में जनता से किए कई वादे पूरे नहीं किए। इसी वजह से बीजेपी समर्थकों में नाराजगी बढ़ रही है और इसका फायदा कांग्रेस को चुनाव में मिल सकता है। विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 21 से कांग्रेस उम्मीदवार राकेश लाटा ने विश्वास जताया कि इस बार बीजेपी का कोर वोट कांग्रेस के साथ आएगा। उन्होंने कहा कि जयपुर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस पहले से ज्यादा वार्ड जीतेगी।वहीं, बीजेपी उम्मीदवार इस पूरे मामले को अलग नजरिए से देख रहे हैं। वार्ड 21 से बीजेपी उम्मीदवार अजय सिंह चौहान ने कहा कि जनता को इस मुद्दे को ध्यान से समझना चाहिए। UGC मामले पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्टे दिया है और अभी तक अंतिम फैसला नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग चुनावी फायदे के लिए इस मुद्दे पर भ्रम फैला रहे हैं।
विद्याधर नगर जैसे बीजेपी के मजबूत इलाके में UGC रोलबैक पोस्टरों का दिखना चुनावी चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस इसे बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश बता रही है, जबकि बीजेपी इसे विपक्ष की चुनावी चाल कह रही है। निकाय चुनाव में अब स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ बड़े राजनीतिक मुद्दे भी असर डालते दिख रहे हैं। पोस्टर अभियान के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है और दोनों मुख्य दल अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।
यह देखना दिलचस्प होगा कि विद्याधर नगर में उठे ये मुद्दे चुनावी नतीजों पर कितना असर डालते हैं। क्या बीजेपी अपने पुराने गढ़ को बचा पाएगी या कांग्रेस यहां सेंध लगाने में कामयाब होगी, यह तो वक्त ही बताएगा।
यह पूरा मामला जयपुर के विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र में निकाय चुनाव से पहले गरमाया हुआ है। बीजेपी का गढ़ माने जाने वाले इस इलाके में 'UGC रोलबैक' के पोस्टर चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन पोस्टरों के जरिए बीजेपी के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। यह अभियान खासकर उन इलाकों में ज्यादा दिख रहा है, जहां बीजेपी का पारंपरिक वोट बैंक मजबूत है। श्री राजपूत करणी सेना ने निकाय चुनावों में बीजेपी का विरोध करने का ऐलान किया है, जिसके बाद विद्याधर नगर में इस मुद्दे ने जोर पकड़ लिया है। स्वर्ण समाज के कुछ लोग कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन में UGC रोलबैक और अन्य मुद्दों को लेकर पोस्टर लगा रहे हैं।
कांग्रेस का दावा है कि बीजेपी से उसका पारंपरिक वोट बैंक नाराज है। कांग्रेस के उम्मीदवार कह रहे हैं कि UGC रोलबैक, जेन-जी आंदोलन, राम मंदिर चंदा चोरी जैसे कई मुद्दों से बीजेपी का कोर वोटर अब उससे दूर जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि बीजेपी ने पिछले 12 सालों में जनता से किए कई वादे पूरे नहीं किए। इसी वजह से बीजेपी समर्थकों में नाराजगी बढ़ रही है और इसका फायदा कांग्रेस को चुनाव में मिल सकता है। विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 21 से कांग्रेस उम्मीदवार राकेश लाटा ने विश्वास जताया कि इस बार बीजेपी का कोर वोट कांग्रेस के साथ आएगा। उन्होंने कहा कि जयपुर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस पहले से ज्यादा वार्ड जीतेगी।
वहीं, बीजेपी उम्मीदवार इस पूरे मामले को अलग नजरिए से देख रहे हैं। वार्ड 21 से बीजेपी उम्मीदवार अजय सिंह चौहान ने कहा कि जनता को इस मुद्दे को ध्यान से समझना चाहिए। UGC मामले पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्टे दिया है और अभी तक अंतिम फैसला नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग चुनावी फायदे के लिए इस मुद्दे पर भ्रम फैला रहे हैं।
विद्याधर नगर जैसे बीजेपी के मजबूत इलाके में UGC रोलबैक पोस्टरों का दिखना चुनावी चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस इसे बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश बता रही है, जबकि बीजेपी इसे विपक्ष की चुनावी चाल कह रही है। निकाय चुनाव में अब स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ बड़े राजनीतिक मुद्दे भी असर डालते दिख रहे हैं। पोस्टर अभियान के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है और दोनों मुख्य दल अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।
यह देखना दिलचस्प होगा कि विद्याधर नगर में उठे ये मुद्दे चुनावी नतीजों पर कितना असर डालते हैं। क्या बीजेपी अपने पुराने गढ़ को बचा पाएगी या कांग्रेस यहां सेंध लगाने में कामयाब होगी, यह तो वक्त ही बताएगा।
यह पूरा मामला जयपुर के विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र में निकाय चुनाव से पहले गरमाया हुआ है। बीजेपी का गढ़ माने जाने वाले इस इलाके में 'UGC रोलबैक' के पोस्टर चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन पोस्टरों के जरिए बीजेपी के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। यह अभियान खासकर उन इलाकों में ज्यादा दिख रहा है, जहां बीजेपी का पारंपरिक वोट बैंक मजबूत है। श्री राजपूत करणी सेना ने निकाय चुनावों में बीजेपी का विरोध करने का ऐलान किया है, जिसके बाद विद्याधर नगर में इस मुद्दे ने जोर पकड़ लिया है। स्वर्ण समाज के कुछ लोग कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन में UGC रोलबैक और अन्य मुद्दों को लेकर पोस्टर लगा रहे हैं।
कांग्रेस का दावा है कि बीजेपी से उसका पारंपरिक वोट बैंक नाराज है। कांग्रेस के उम्मीदवार कह रहे हैं कि UGC रोलबैक, जेन-जी आंदोलन, राम मंदिर चंदा चोरी जैसे कई मुद्दों से बीजेपी का कोर वोटर अब उससे दूर जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि बीजेपी ने पिछले 12 सालों में जनता से किए कई वादे पूरे नहीं किए। इसी वजह से बीजेपी समर्थकों में नाराजगी बढ़ रही है और इसका फायदा कांग्रेस को चुनाव में मिल सकता है। विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 21 से कांग्रेस उम्मीदवार राकेश लाटा ने विश्वास जताया कि इस बार बीजेपी का कोर वोट कांग्रेस के साथ आएगा। उन्होंने कहा कि जयपुर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस पहले से ज्यादा वार्ड जीतेगी।
वहीं, बीजेपी उम्मीदवार इस पूरे मामले को अलग नजरिए से देख रहे हैं। वार्ड 21 से बीजेपी उम्मीदवार अजय सिंह चौहान ने कहा कि जनता को इस मुद्दे को ध्यान से समझना चाहिए। UGC मामले पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्टे दिया है और अभी तक अंतिम फैसला नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग चुनावी फायदे के लिए इस मुद्दे पर भ्रम फैला रहे हैं।
विद्याधर नगर जैसे बीजेपी के मजबूत इलाके में UGC रोलबैक पोस्टरों का दिखना चुनावी चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस इसे बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश बता रही है, जबकि बीजेपी इसे विपक्ष की चुनावी चाल कह रही है। निकाय चुनाव में अब स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ बड़े राजनीतिक मुद्दे भी असर डालते दिख रहे हैं। पोस्टर अभियान के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है और दोनों मुख्य दल अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।
यह देखना दिलचस्प होगा कि विद्याधर नगर में उठे ये मुद्दे चुनावी नतीजों पर कितना असर डालते हैं। क्या बीजेपी अपने पुराने गढ़ को बचा पाएगी या कांग्रेस यहां सेंध लगाने में कामयाब होगी, यह तो वक्त ही बताएगा।