Lpg सिलेंडर बुकिंग में बदलाव: ग्रामीण उपभोक्ताओं को अब 25 दिन बाद मिलेगा अगला सिलेंडर
LPG सिलेंडर बुकिंग में बदलाव: ग्रामीण उपभोक्ताओं को अब 25 दिन बाद मिलेगा अगला सिलेंडर
NewsPoint•
राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। अब वे अपना पिछला सिलेंडर खत्म होने के 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक करा सकेंगे। पहले यह समय सीमा 45 दिन थी, जिसे अब 20 दिन कम कर दिया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के इस फैसले से उन ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें घर में रसोई गैस की नियमित जरूरत पड़ती है। इस नए नियम के बाद, ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर की अगली बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर रहेगा।
यह बड़ा बदलाव मार्च में ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद आया था। उस समय गैस की उपलब्धता को लेकर चिंताएं थीं, इसलिए ग्रामीण इलाकों में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग पर 45 दिन का प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसका मतलब था कि ग्रामीण उपभोक्ता एक सिलेंडर लेने के बाद 45 दिन पूरे होने से पहले दूसरा सिलेंडर नहीं ले सकते थे। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य उस समय गैस की सप्लाई को ठीक रखना था। लेकिन, जिन घरों में हर महीने गैस की खपत ज्यादा होती है, उनके लिए 45 दिन का इंतजार काफी लंबा साबित हो रहा था। अब हालात सुधरने के बाद सरकार ने ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए भी यह बुकिंग का समय कम करने का फैसला लिया है।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश की तीन बड़ी सरकारी तेल कंपनियों - इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) - को इस नए नियम को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं। इन कंपनियों के ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए भी अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की अगली बुकिंग के लिए 25 दिन का ही इंतजार करना होगा।
दरअसल, शहरों में तो पहले से ही एलपीजी सिलेंडर की अगली बुकिंग के लिए 25 दिन का ही नियम लागू था। अब ग्रामीण इलाकों में भी यही व्यवस्था लागू होने जा रही है। इससे ग्रामीण और शहरी एलपीजी ग्राहकों के बीच बुकिंग के समय को लेकर जो अंतर था, वह पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
इस फैसले से ग्रामीण परिवारों को क्या फायदा होगा? बुकिंग का यह समय 45 दिन से घटकर 25 दिन होने का मतलब है कि ग्रामीण परिवार अपनी जरूरत के हिसाब से अब जल्दी नया सिलेंडर बुक करा पाएंगे। खासकर उन परिवारों के लिए यह बहुत बड़ी राहत है, जहां एलपीजी का इस्तेमाल ज्यादा होता है और एक सिलेंडर जल्दी खत्म हो जाता है। सरकार का यह कदम एलपीजी सप्लाई को बेहतर बनाने और ग्रामीण उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। अब उपभोक्ताओं को अगला सिलेंडर बुक कराने के लिए 45 दिन का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
यह बदलाव एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी सुविधा लेकर आया है। पहले जहां ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की किल्लत को देखते हुए 45 दिन का नियम लगाया गया था, वहीं अब सामान्य परिस्थितियों में इसे घटाकर 25 दिन कर दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं को अपनी सुविधा के अनुसार सिलेंडर बुक करने की आजादी मिलेगी। यह सरकार की ओर से आम आदमी को राहत देने की एक अच्छी पहल है।
इस नए नियम से एलपीजी वितरण प्रणाली में भी सुधार की उम्मीद है। जब उपभोक्ता अपनी जरूरत के हिसाब से सिलेंडर बुक कर पाएंगे, तो गैस की बर्बादी भी कम होगी और लोगों को समय पर गैस उपलब्ध हो सकेगी। यह कदम ग्रामीण भारत में एलपीजी के उपयोग को और बढ़ावा देगा और लोगों के जीवन को आसान बनाएगा।
पहले ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिन का इंतजार करना पड़ता था, जो कई बार असुविधाजनक हो सकता था। खासकर ऐसे समय में जब घर में कोई आयोजन हो या मेहमान आए हों, तो गैस की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में 45 दिन का इंतजार करना मुश्किल हो जाता था। अब 25 दिन का नियम लागू होने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
यह बदलाव एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत है। पहले जहां ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की किल्लत को देखते हुए 45 दिन का नियम लगाया गया था, वहीं अब सामान्य परिस्थितियों में इसे घटाकर 25 दिन कर दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं को अपनी सुविधा के अनुसार सिलेंडर बुक करने की आजादी मिलेगी। यह सरकार की ओर से आम आदमी को राहत देने की एक अच्छी पहल है।
इस नए नियम से एलपीजी वितरण प्रणाली में भी सुधार की उम्मीद है। जब उपभोक्ता अपनी जरूरत के हिसाब से सिलेंडर बुक कर पाएंगे, तो गैस की बर्बादी भी कम होगी और लोगों को समय पर गैस उपलब्ध हो सकेगी। यह कदम ग्रामीण भारत में एलपीजी के उपयोग को और बढ़ावा देगा और लोगों के जीवन को आसान बनाएगा।
पहले ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिन का इंतजार करना पड़ता था, जो कई बार असुविधाजनक हो सकता था। खासकर ऐसे समय में जब घर में कोई आयोजन हो या मेहमान आए हों, तो गैस की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में 45 दिन का इंतजार करना मुश्किल हो जाता था। अब 25 दिन का नियम लागू होने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
यह बदलाव एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत है। पहले जहां ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की किल्लत को देखते हुए 45 दिन का नियम लगाया गया था, वहीं अब सामान्य परिस्थितियों में इसे घटाकर 25 दिन कर दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं को अपनी सुविधा के अनुसार सिलेंडर बुक करने की आजादी मिलेगी। यह सरकार की ओर से आम आदमी को राहत देने की एक अच्छी पहल है।
इस नए नियम से एलपीजी वितरण प्रणाली में भी सुधार की उम्मीद है। जब उपभोक्ता अपनी जरूरत के हिसाब से सिलेंडर बुक कर पाएंगे, तो गैस की बर्बादी भी कम होगी और लोगों को समय पर गैस उपलब्ध हो सकेगी। यह कदम ग्रामीण भारत में एलपीजी के उपयोग को और बढ़ावा देगा और लोगों के जीवन को आसान बनाएगा।
पहले ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिन का इंतजार करना पड़ता था, जो कई बार असुविधाजनक हो सकता था। खासकर ऐसे समय में जब घर में कोई आयोजन हो या मेहमान आए हों, तो गैस की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में 45 दिन का इंतजार करना मुश्किल हो जाता था। अब 25 दिन का नियम लागू होने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
यह बदलाव एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत है। पहले जहां ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की किल्लत को देखते हुए 45 दिन का नियम लगाया गया था, वहीं अब सामान्य परिस्थितियों में इसे घटाकर 25 दिन कर दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं को अपनी सुविधा के अनुसार सिलेंडर बुक करने की आजादी मिलेगी। यह सरकार की ओर से आम आदमी को राहत देने की एक अच्छी पहल है।
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पहले ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिन का इंतजार करना पड़ता था, जो कई बार असुविधाजनक हो सकता था। खासकर ऐसे समय में जब घर में कोई आयोजन हो या मेहमान आए हों, तो गैस की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में 45 दिन का इंतजार करना मुश्किल हो जाता था। अब 25 दिन का नियम लागू होने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
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पहले ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिन का इंतजार करना पड़ता था, जो कई बार असुविधाजनक हो सकता था। खासकर ऐसे समय में जब घर में कोई आयोजन हो या मेहमान आए हों, तो गैस की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में 45 दिन का इंतजार करना मुश्किल हो जाता था। अब 25 दिन का नियम लागू होने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।