लालू यादव ने बिहार बाढ़ पर स्थायी समाधान की मांग की, केंद्र से वित्तीय सहायता का आग्रह
लालू यादव ने बिहार बाढ़ पर स्थायी समाधान की मांग की, केंद्र से वित्तीय सहायता का आग्रह
NewsPoint•
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू यादव ने बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच संसद का एक पुराना वीडियो साझा कर अपना राजनीतिक संघर्ष याद किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से बाढ़ का स्थायी समाधान निकालने, नदियों के रखरखाव के लिए पर्याप्त वित्तीय मदद देने और बिहार को उसका हक दिलाने की मांग की है। लालू यादव ने कहा कि एक दशक बाद आई इस भीषण बाढ़ के समय, जब बिहार सरकार का खजाना खाली है, उन्हें सड़क से लेकर सदन तक अपने संघर्ष की याद आ रही है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने हमेशा बिहार और बिहारियों के हक के लिए लड़ाई लड़ी है, चाहे वे सत्ता में रहे हों या विपक्ष में।
लालू यादव ने केंद्र की पिछली सरकारों पर बिहार के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में बिहार से करीब एक दर्जन कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद, बिहार को उसका उचित बजट नहीं मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंचवर्षीय योजनाओं में भी बिहार के लिए धन रोकने की कोशिश की जाती थी और उस समय राज्य सीधे कर्ज भी नहीं ले सकता था।राजद अध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2004 में जब वे 24 राजद सांसदों के साथ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए)-1 सरकार में रेल मंत्री बने, तो उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल बिहार के विकास के लिए किया। उन्होंने दावा किया कि 2004 से 2009 के बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी से बिहार के विकास कार्यों के लिए करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये की राशि दिलवाई गई। लालू यादव के अनुसार, इसी पैकेज की राशि से वर्ष 2005 के बाद तत्कालीन बिहार सरकार ने विकास कार्यों को आगे बढ़ाया।
उन्होंने नीतीश कुमार और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब बिहार से अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कई कैबिनेट मंत्री थे, तब भी बिहार के लिए केंद्र से पर्याप्त सहायता नहीं लाई गई। इसके विपरीत, उन्होंने हमेशा सकारात्मक सोच के साथ बिहार के हित में राजनीति की और राज्य के लिए अधिक से अधिक फंड लाने का प्रयास किया।
बाढ़ के मुद्दे पर लालू यादव ने कहा कि नेपाल से आने वाली बाढ़ और उसके स्थायी समाधान के लिए वे हमेशा प्रयासरत रहे हैं। उन्होंने बताया कि संसद में साझा किया गया वीडियो वर्ष 2011 का है। उस समय केंद्र में यूपीए-2 की सरकार थी और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में भाजपा के साथ गठबंधन की सरकार थी। इसके बावजूद, उन्होंने दिल्ली में बिहार की बाढ़ और नदियों के रखरखाव के मुद्दे पर केंद्र सरकार से सवाल किया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि सत्ता के लिए उन्होंने कभी अपना चरित्र, चेहरा, चाल और विचार नहीं बदला।
वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर तंज कसते हुए लालू यादव ने कहा कि आज केंद्र में एनडीए-3 और बिहार में एनडीए-5 की सरकार है, लेकिन इसके बावजूद बिहार की समस्याओं के समाधान के बजाय बहाने बनाए जा रहे हैं। उन्होंने नदियों के रखरखाव के मुद्दे पर केंद्र और नेपाल सरकार के बीच स्पष्ट बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने याद दिलाया कि कर्पूरी ठाकुर ने भी इस समस्या को उठाया था।
लालू यादव ने कहा कि चुनाव और बाढ़ के समय मुफ्तखोरी की घोषणाएं करने या दो किलो मुफ्त अनाज देने का लालच देने के बजाय बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि नदियों के रखरखाव पर खर्च होने वाला एक पैसा भी बिहार को नहीं मिला है।
राजद अध्यक्ष ने कहा कि बिहार के लोग अपना घर-परिवार छोड़कर देश-विदेश में पलायन करते हैं और वहां अपनी खून-पसीने की कमाई अर्जित कर बिहार भेजते हैं, लेकिन उस अनुपात में राज्य के लोगों पर खर्च नहीं किया जाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार किसी से भीख नहीं मांग रहा है, बल्कि अपने योगदान और क्रेडिट के अनुरूप धन की मांग कर रहा है। उन्होंने बिहार के कम क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात (सीडीआर) पर भी सवाल उठाया और कहा कि आज भी देश में बिहार का साख-जमा अनुपात सबसे कम है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
लालू यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार में विभिन्न नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। यह स्थिति लोगों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गई है। बाढ़ के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। ऐसे में, लालू यादव की मांगें बिहार की वर्तमान स्थिति को देखते हुए और भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को सिर्फ वादे नहीं, बल्कि ठोस समाधान चाहिए। नदियों का प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण एक ऐसी समस्या है जिसका समाधान लंबे समय से लंबित है। उन्होंने कहा कि नेपाल से आने वाली नदियों के पानी को नियंत्रित करने के लिए दोनों देशों के बीच एक मजबूत समझौता होना चाहिए। यह केवल बिहार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
लालू यादव ने यह भी कहा कि बिहार के विकास के लिए जो पैसा केंद्र सरकार से आता है, उसका सही तरीके से इस्तेमाल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों ने देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है और अब समय आ गया है कि बिहार को उसके हक का पैसा मिले। उन्होंने कहा कि बिहार के बैंकों में जमा राशि की तुलना में ऋण वितरण बहुत कम है, जो कि चिंता का विषय है। इस सीडीआर को बढ़ाने के लिए सरकार को विशेष प्रयास करने होंगे ताकि राज्य में अधिक से अधिक निवेश हो सके और रोजगार के अवसर पैदा हों।
उन्होंने कहा कि वे हमेशा बिहार के लोगों के साथ खड़े रहे हैं और आगे भी खड़े रहेंगे। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे बिहार के विकास में अपना योगदान दें और राज्य को मजबूत बनाने में मदद करें। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने हमेशा उन्हें अपना प्यार और समर्थन दिया है और वे इस भरोसे को कभी नहीं तोड़ेंगे।
लालू यादव ने कहा कि वे चाहते हैं कि बिहार बाढ़ मुक्त बने और यहां के लोगों को बेहतर जीवन जीने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है जब सरकारें मिलकर काम करें और बिहार की समस्याओं को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि उनकी आवाज सुनी जाएगी और बिहार के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वे उस समय को याद करते हैं जब उन्होंने रेल मंत्री के रूप में बिहार के लिए बहुत काम किया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने बिहार के लोगों के लिए हमेशा लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि बिहार एक विकसित राज्य बने और यहां के लोगों को वह सब मिले जिसके वे हकदार हैं।
उन्होंने कहा कि वे जानते हैं कि बिहार की जनता को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, लेकिन वे उम्मीद करते हैं कि एक दिन सब कुछ ठीक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वे हमेशा बिहार के लोगों के साथ हैं और उनके लिए लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि बिहार एक ऐसा राज्य बने जहां हर कोई खुश रहे और समृद्ध हो।
उन्होंने कहा कि वे जानते हैं कि यह एक लंबी लड़ाई है, लेकिन वे हार मानने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे तब तक लड़ते रहेंगे जब तक बिहार की सभी समस्याएं हल नहीं हो जातीं। उन्होंने कहा कि वे बिहार के लोगों के लिए हमेशा खड़े रहेंगे और उनके हक के लिए लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि बिहार एक ऐसा राज्य बने जहां हर कोई गर्व महसूस करे।