ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई: 'महान एयर' सहित कई कंपनियों पर प्रतिबंध, वैश्विक व्यापार पर असर
ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई: 'महान एयर' सहित कई कंपनियों पर प्रतिबंध, वैश्विक व्यापार पर असर
NewsPoint•
वॉशिंगटन, 9 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत अपनी चेतावनी पर कार्रवाई करते हुए उन कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं जो अभी भी 'महान एयर' का समर्थन कर रही हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह ईरान की अन्य एयरलाइनों के साथ व्यापार करने वाले सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी ईरान की सरकार को आर्थिक मदद देगा, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने 'एक् स' पर पोस्ट करते हुए बताया कि अमेरिका ने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत जो वादा किया था, उसे पूरा कर दिया है। उन्होंने कहा, "ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट के तहत हमने वादा किया था कि ईरानी सरकार को आर्थिक सहारा देने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। आज हमने उस वादे को पूरा करते हुए उन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं जो अब भी 'महान एयर' का समर्थन कर रही हैं।" यह कदम ईरान को पूरी तरह से अलग-थलग करने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा है।बेसेंट ने आगे कहा कि यह ईरान की बाकी एयरलाइनों के साथ कारोबार करने वाले सभी लोगों के लिए एक स्पष्ट संदेश है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई इन एयरलाइनों के साथ व्यापार करता है, तो उसे वैश्विक वित्तीय प्रणाली से बाहर किए जाने का खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा, "इसे ईरान की बाकी एयरलाइनों के साथ कारोबार करने वाले सभी लोगों के लिए एक चेतावनी समझा जाए। आज हमने उन सभी एयरलाइनों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। यदि आप उनके साथ व्यापार करते हैं, तो आपको वैश्विक वित्तीय प्रणाली से बाहर किए जाने का जोखिम उठाना पड़ सकता है।"
इससे पहले, ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य तेहरान की आर्थिक जीवनरेखाओं को काटकर उसे पूरी तरह से अलग-थलग करना है। उनका कहना था कि वे इस दमनकारी शासन को समर्थन देने वाली हर आर्थिक जरिया को बंद कर देंगे, जब तक कि तेहरान पूरी तरह अकेला न पड़ जाए। उन्होंने जोर देकर कहा, "हमारा लक्ष्य इस दमनकारी शासन को सहारा देने वाली हर आर्थिक जीवनरेखा को काट देना है, जब तक कि तेहरान पूरी तरह अकेला न पड़ जाए।"
बेसेंट ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसे उनके पूर्ववर्ती लंबे समय से टालते रहे थे। उनके नेतृत्व में, अमेरिका अब केवल ईरान से जुड़े खतरे को संभालने या नियंत्रित करने की कोशिश नहीं कर रहा है, बल्कि उसे पूरी तरह से खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग अमेरिका के साथ खड़े होंगे, उन्हें साझेदारी के फायदे मिलेंगे। लेकिन जो लोग खुद को तेहरान से जोड़कर रखेंगे, उन्हें भी एक कमजोर पड़ते और अलग-थलग होते जा रहे शासन के साथ अलगाव का सामना करना पड़ेगा।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग का कहना है कि वे राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में इस शासन को समर्थन देने वाले हर आर्थिक मदद और संसाधन के रास्ते को बंद करते रहेंगे। उनका लक्ष्य ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह से अलग-थलग करना है। यह कार्रवाई ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों पर लगाम लगाने के अमेरिकी प्रयासों का एक हिस्सा है। अमेरिका का मानना है कि ईरान की आर्थिक स्थिति को कमजोर करके ही उसे अपनी नीतियों को बदलने के लिए मजबूर किया जा सकता है। यह प्रतिबंध ईरान की अर्थव्यवस्था पर और दबाव डालेंगे और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में उसकी भागीदारी को सीमित करेंगे।