एप्पल का बड़ा इवेंट: नए सीईओ जॉन टर्नस के नेतृत्व में पहला लॉन्च, फोल्डेबल आईफोन और सिरी एआई पर नजरें

NewsPoint
Navbharat Times
नई दिल्ली, 9 सितंबर: टेक की दुनिया में एप्पल एक बड़े 'सरप्राइज एंड साइन' इवेंट के साथ तैयार है। इस बार सबकी निगाहें इसलिए टिकी हैं क्योंकि कंपनी में 15 साल बाद नेतृत्व में सबसे बड़ा बदलाव हुआ है। टिम कुक ने सीईओ का पद छोड़ दिया है और अब वे एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बन गए हैं। एप्पल की कमान अब नए सीईओ जॉन टर्नस के हाथों में है, और यह उनके नेतृत्व में पहला बड़ा प्रोडक्ट लॉन्च है। टिम कुक पिछले 15 सालों से एप्पल के बड़े इवेंट्स होस्ट करते आए हैं, लेकिन इस बार मुख्य कीनोट की जिम्मेदारी पहली बार नए सीईओ जॉन टर्नस संभाल रहे हैं। पूरी दुनिया यह देखने के लिए उत्सुक है कि टर्नस कंपनी की नई सोच और जोश को मंच पर कैसे पेश करते हैं।

वैश्विक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जॉन टर्नस के नेतृत्व में एप्पल एक बड़े तकनीकी बदलाव के दौर में प्रवेश कर रही है। कंपनी अब सिर्फ छोटे-मोटे अपडेट्स देने के बजाय अपने हार्डवेयर को और भी बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है। यह इवेंट एप्पल के इतिहास में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि कंपनी अपना पहला फोल्डेबल आईफोन पेश कर सकती है। इस फोन को बाजार में 'आईफोन अल्ट्रा' नाम से जाने जाने की चर्चा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दौड़ में दूसरी कंपनियों को कड़ी टक्कर देने के लिए, एप्पल इस इवेंट में बिल्कुल नया 'सिरी एआई' असिस्टेंट भी पेश कर रही है। जॉन टर्नस के सामने एप्पल की एआई रणनीति को मजबूत करने और सिरी को बहुत एडवांस बनाने की बड़ी चुनौती है। इसके लिए कंपनी ने गूगल के साथ भी साझेदारी की है।
फोल्डेबल फोन के अलावा, इस इवेंट में कई और बड़े हार्डवेयर लॉन्च होने की उम्मीद है। इनमें आईफोन 18 प्रो और प्रो मैक्स शामिल हैं। साथ ही, एप्पल वॉच सीरीज 12 और अल्ट्रा 4 भी पेश की जा सकती हैं। नए सीईओ जॉन टर्नस के नेतृत्व में होने वाले इस इवेंट में स्टैंडर्ड आईफोन 18 को लॉन्च नहीं किया जा रहा है। कंपनी ने अपनी लॉन्चिंग की रणनीति बदली है और प्रो मॉडल और फोल्डेबल आईफोन को प्राथमिकता दी है। एप्पल अपनी पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए स्टैंडर्ड और प्रो मॉडल की लॉन्चिंग को अलग-अलग कर रहा है। सितंबर के इवेंट में सारा ध्यान प्रो मॉडल और पहले फोल्डेबल आईफोन पर रहेगा, जबकि आईफोन 18 को 2027 की पहली तिमाही में लॉन्च किया जा सकता है।

एप्पल के नए सीईओ बनने के बाद जॉन टर्नस ने 1 सितंबर को 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर अपना पहला पोस्ट किया था। उन्होंने अपने पोस्ट में सिर्फ 'हैलो' लिखा था। वहीं, 31 अगस्त को तत्कालीन एप्पल के सीईओ टिम कुक ने 'एक्स' पर एक भावुक पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था, "एप्पल समुदाय के लिए मेरे सीईओ के तौर पर आखिरी दिन पर ढेर सारा प्यार। कल से मेरा पद बदल रहा है, लेकिन एप्पल समुदाय के लिए मेरा प्यार कभी नहीं बदलेगा। प्रेरणा का लगातार स्रोत बने रहने के लिए आप सभी का धन्यवाद। मैं असीम आभार व्यक्त करता हूं और अगले अध्याय के लिए बेहद उत्साहित हूं।"

एप्पल का सबसे पहला आईफोन, जिसे आईफोन 1 या आईफोन 2जी भी कहा जाता है, स्टीव जॉब्स ने 9 जनवरी 2007 को पेश किया था। यह फोन मोबाइल फोन की दुनिया में एक क्रांति लेकर आया था। इसके बाद, एप्पल का पहला 3जी कनेक्टिविटी वाला फोन आईफोन 3जी था, जिसे 11 जुलाई 2008 को लॉन्च किया गया था। आईफोन में रेटिना डिस्प्ले की शुरुआत सबसे पहले आईफोन 4 से हुई थी, जिसे साल 2010 में लॉन्च किया गया था। इस डिस्प्ले में 326 पिक्सल प्रति इंच (पीपीआई) थे, जो पिछले आईफोन 3जीएस से चार गुना ज्यादा थे। इन उत्पादों ने मोबाइल फोन के क्षेत्र में वाकई में क्रांतिकारी बदलाव लाए थे।

एप्पल ने आईफोन में 'प्रो' और 'प्रो मैक्स' सीरीज की शुरुआत साल 2019 में आईफोन 11 सीरीज के साथ की थी। इन मॉडल्स में पहली बार ट्रिपल-कैमरा सेटअप और 'प्रो' नाम का इस्तेमाल किया गया था। यह कदम एप्पल के प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम था। अब, जॉन टर्नस के नेतृत्व में, कंपनी एक बार फिर से अपने हार्डवेयर पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है और फोल्डेबल फोन जैसे नए सेगमेंट में कदम रख रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि नए सीईओ एप्पल को भविष्य में किस दिशा में ले जाते हैं और वे किस तरह से नवाचार (innovation) को आगे बढ़ाते हैं।

इस बार के इवेंट में एप्पल सिर्फ नए फोन और घड़ियों पर ही ध्यान केंद्रित नहीं कर रहा है, बल्कि वह एआई के क्षेत्र में भी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। सिरी को एडवांस बनाने के लिए गूगल के साथ साझेदारी एक बड़ा संकेत है कि एप्पल एआई की दौड़ में पीछे नहीं रहना चाहता। यह साझेदारी एप्पल को अपनी एआई क्षमताओं को बढ़ाने और अपने उत्पादों को और भी स्मार्ट बनाने में मदद कर सकती है। जॉन टर्नस के लिए यह एक बड़ी चुनौती होगी कि वे एप्पल को एआई के इस नए युग में कैसे आगे ले जाते हैं और कैसे वे अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर देते हैं।

कंपनी की लॉन्च रणनीति में बदलाव यह भी दिखाता है कि एप्पल अब अपने सबसे प्रीमियम और इनोवेटिव प्रोडक्ट्स पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रहा है। स्टैंडर्ड मॉडल को बाद में लॉन्च करने का फैसला यह बताता है कि कंपनी अपने सबसे उन्नत तकनीकों को पहले अपने प्रो और फोल्डेबल डिवाइस में पेश करना चाहती है। यह रणनीति एप्पल के ग्राहकों को आकर्षित करने और प्रीमियम सेगमेंट में अपनी स्थिति को और मजबूत करने में मदद कर सकती है। कुल मिलाकर, यह 'सरप्राइज एंड साइन' इवेंट एप्पल के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है, जहां नेतृत्व में बदलाव के साथ-साथ उत्पादों और रणनीतियों में भी बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं।