सत्य निकेतन इमारत गिरने का मामला: पीजी ऑपरेटर सुधांशु गिरफ्तार, अब तक 5 अरेस्ट

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नई दिल्ली, 9 सितंबर: दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में एक बहुमंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने पीजी ऑपरेटर सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इमारत को अगस्त 2025 तक के लिए शुभम त्यागी और सुधांशु नाम के दो बिजनेस पार्टनर्स को लीज पर दिया गया था, जो इसे 'हॉस्टल डेज' नाम से लड़कों के पीजी के तौर पर चला रहे थे।

पुलिस ने इस मामले में मकान मालिक हरिराम बंसल के बेटे महेश बंसल को भी गिरफ्तार किया है। महेश ने पूछताछ में बताया कि वह अपने माता-पिता की ओर से इमारत के रखरखाव का काम देखता था। उसने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने अगस्त 2025 से यह इमारत पीजी ऑपरेटर 'हॉस्टल डेज' को लीज पर दी थी। महेश को कोर्ट ने दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा था, जिसकी अवधि बुधवार को खत्म हो रही है। वहीं, मकान मालिक हरिराम बंसल और उनकी पत्नी उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कासगंज से उस लेबर कॉन्ट्रैक्टर को भी गिरफ्तार किया है, जो इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम कर रहा था। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि जिस दिन इमारत गिरी, उस दिन बेसमेंट के फर्श की मरम्मत की जा रही थी। पिछले आठ-दस दिनों से बारिश के कारण बेसमेंट में कचरा जमा हो गया था, जिसे साफ किया जा रहा था। इसके अलावा, कमर्शियल इस्तेमाल के लिए जगह बढ़ाने के मकसद से इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर भी मरम्मत का काम चल रहा था।

यह पांच मंजिला इमारत 'हॉस्टल डेज' नाम से लड़कों के पीजी के रूप में संचालित हो रही थी। रविवार दोपहर करीब 1.30 बजे जब यह दर्दनाक हादसा हुआ, तब इमारत में कई छात्र मौजूद थे। इस हादसे में सात छात्रों की जान चली गई। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और अन्य संभावित लोगों की तलाश में जुटी है।

महेश बंसल को बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट ने सोमवार को महेश को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा था। पुलिस का कहना है कि महेश ने पूछताछ में बताया कि वह अपने माता-पिता की ओर से इमारत के रखरखाव का काम देखता था। उन्होंने अगस्त 2025 में यह इमारत पीजी ऑपरेटर 'हॉस्टल डेज' को लीज पर दी थी।

पुलिस ने बताया कि लेबर कॉन्ट्रैक्टर को कासगंज से पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि लेबर कॉन्ट्रैक्टर से शुरुआती पूछताछ में पता चला कि जिस दिन इमारत गिरी, उस दिन बेसमेंट के फर्श की मरम्मत की जा रही थी, क्योंकि पिछले आठ-दस दिनों से बारिश के मौसम में वहां कचरा जमा हो रहा था। साथ ही, कमर्शियल इस्तेमाल के लिए जगह बढ़ाने के मकसद से इमारत के ग्राउंड फ्लोर की भी मरम्मत की जा रही थी।

पुलिस ने बताया कि 'हॉस्टल डेज' नामक यह पांच मंजिला इमारत लड़कों के पीजी के तौर पर चल रही थी और रविवार दोपहर करीब 1.30 बजे जब यह घटना हुई, तब वहां कई छात्र मौजूद थे। इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी। दिल्ली पुलिस इस मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।