भारतीय एथलीट्स ने एशियन गेम्स 2026 में बैडमिंटन, स्कीट और दौड़ में जीते मेडल, मोदी मुर्मु ने दी बधाई
भारतीय एथलीट्स ने एशियन गेम्स 2026 में बैडमिंटन, स्कीट और दौड़ में जीते मेडल, मोदी-मुर्मु ने दी बधाई
NewsPoint•
नई दिल्ली, 24 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीट्स के शानदार प्रदर्शन की सराहना की है। राष्ट्रपति मुर्मु ने बैडमिंटन और स्कीट मिक्स्ड टीम इवेंट में प्राप्त मेडल के लिए टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा, "एशियन गेम्स 2026 में स्कीट मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर परिनाज धालीवाल और अनंतजीत सिंह नारुका को मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई।" यह भारत का इस इवेंट में पहला मेडल है। दूसरे ओर, पीएम मोदी ने भी इन खिलाड़ियों की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह मेडल भारत का इस खेल इवेंट में पहला पोडियम फिनिश है।
भारत ने स्कीट मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। भारतीय जोड़ी ने 48 शॉट्स में 44 हिट्स के साथ मुकाबला पूरा किया, जो दक्षिण कोरिया के बराबर था। क्वालीफाइंग स्कोर के आधार पर टाई-ब्रेक में दक्षिण कोरिया को सिल्वर मेडल मिला। वहीं, चीन ने 45 हिट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता। पीएम मोदी ने कहा, "यह सफलतम प्रदर्शन भविष्य में और भी कई उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरणा बनेगी।"इसके अलावा, भारत की पुरुष बैडमिंटन टीम ने भी एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा, "यह सराहनीय उपलब्धि टीम के दृढ़ संकल्प, सहनशक्ति और लड़ने के जज़्बे को दर्शाती है।" पुरुष बैडमिंटन टीम ने सेमीफाइनल में मौजूदा चैंपियन चीन से 1-3 से हारने के बाद यह मेडल जीता। लक्ष्य सेन, जो शुरुआत में हार गए, के बाद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने अपनी ओर से संघर्ष किया और मुकाबला बराबरी पर लाने में सफलता पाई।
इसके बाद आयुष शेट्टी और एमआर अर्जुन की जोड़ी ने भी अपने-अपने मैच हारकर भारत को अंतिम मैच में ब्रॉन्ज मेडल दिलाया। इसी के साथ, बैडमिंटन में ये भारत का इस एशियन गेम्स का दूसरा मेडल है। पिछले एशियन गेम्स 2023 हांग्जो में सात्विक और चिराग ने मेंस डबल्स में गोल्ड मेडल जीता था।
अब बात करते हैं महिलाओं की। पीएम मोदी ने महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में भारत के लिए ऐतिहासिक मेडल हासिल करने वाली सीमा कुमारी को भी बधाई दी है। सीमा ने 32:50.05 का समय लेकर तीसरे स्थान पर आकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मेडल ने 16 वर्षों की लंबी प्रतीक्षा को समाप्त किया है। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने गोल्ड और जापान की नोजोमी तनाका ने सिल्वर मेडल जीता।
राज्यपाल मुर्मु ने कहा, "आपके शानदार प्रदर्शन ने इस इवेंट में मेडल के लिए भारत के 16 साल के इंतजार को खत्म कर दिया है।" यही नहीं, उन्होंने भारत की मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले टीम को भी सिल्वर मेडल जीतने पर बधाई दी, जिसने 3:14.46 सेकंड का समय लिया। राष्ट्रपति ने कहा, "आपके शानदार प्रदर्शन और टीम वर्क ने भारत की एथलेटिक्स यात्रा में एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि जोड़ी है।"
इन सभी उल्लेखनीय उपलब्धियों के बाद, भारतीय एथलीट्स ने अपने प्रदर्शन से हर किसी का दिल जीत लिया है। एशियन गेम्स में यह एक बड़ी बात है कि सभी खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत की है और एक-दूसरे का साथ दिया है। उनकी ऊर्जा और जुनून ने भारतीय खेलों को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन खेलों में मिली सफलता भारत के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में हमारी महिलाएं और पुरुष खिलाड़ी और भी अधिक सफलताएं हासिल करेंगे।
इस बीच, सोशल मीडिया पर इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों का खूब जश्न मनाया गया है। एथलीट्स को मिली यह सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का पल है। अब लोग खेलों के प्रति और भी जागरूक हो रहे हैं।
इस बार एशियन गेम्स में भारत ने एक नया मानक स्थापित किया है। भारतीय एथलीट्स ने हर जगह अपनी प्रतिभा और कठिनाईयों से लोहा मानने की क्षमता साबित की है। सजगता और मेहनत ने उन्हें कीर्तिमान स्थापित करने में मदद की।
अंततः, हमें अपनी एथलेटिक्स टीमों पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने खेल में जो भव्यता प्रदान की है वह इतिहास में दर्ज हो गई है। उम्मीद है कि आगे भी भारत की खेल यात्रा ऐसे ही सफलताओं से भरी रहेगी।
इस तरह एशियन गेम्स 2026 ने भारत के लिए न केवल मेडल जीतने वाली एक यादगार यात्रा का पल प्रदान किया, बल्कि यह युवा खिलाड़ियों के लिए उनके सपनों को साकार करने का एक प्लेटफार्म भी बना। इसलिए, देश के हर कोने से नई टैलेंटेड एथलीट्स को आगे बढ़ने का मौका मिलता है।