Supreme Court Seeks Response On Msp Demand To Give Importance To States Proposals On Cost Of Cultivation
एमएसपी पर किसानों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब, खेती की लागत पर राज्यों के प्रस्तावों को महत्व देने की मांग
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सुप्रीम कोर्ट ने एमएसपी तय करने में खेती की लागत पर राज्यों के सुझावों को अहमियत देने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार और अन्य पक्षों से जवाब मांगा है। याचिका में एमएसपी के तहत सभी फसलों की पूरी खरीद सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
नई दिल्ली, 13 अप्रैल: सुप्रीम कोर्ट ने न्यूनतम समर्थन मूल्य ( एमएसपी ) तय करते समय खेती की असली लागत पर राज्यों के सुझावों को अहमियत देने से जुड़ी एक याचिका पर केंद्र सरकार और अन्य पक्षों से जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने केंद्र सरकार, कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है।
याचिकाकर्ताओं के वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट को बताया कि यह याचिका देश के किसानों से जुड़ा एक बहुत ही अहम मुद्दा उठाती है। याचिका में यह निर्देश देने की मांग की गई है कि सरकार खेती की वास्तविक लागत के आधार पर तय एमएसपी के तहत आने वाली सभी फसलों की पूरी खरीद सुनिश्चित करे। साथ ही, यह भी कहा गया है कि जो किसान अपनी फसल एमएसपी पर बेचना चाहते हैं, उनकी फसलों की पूरी खरीद के लिए सरकार उचित कदम उठाए।यह मामला किसानों के लिए एमएसपी के महत्व को रेखांकित करता है। एमएसपी वह न्यूनतम मूल्य होता है जिस पर सरकार किसानों से उनकी उपज खरीदती है। यह किसानों को उनकी मेहनत का उचित दाम दिलाने और बाजार में कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करता है। याचिका में यह सुनिश्चित करने की मांग की गई है कि एमएसपी की गणना में खेती की असली लागत को ध्यान में रखा जाए। इसका मतलब है कि बीज, खाद, पानी, मजदूरी, मशीनरी का किराया और अन्य सभी खर्चे, जो खेती में लगते हैं, उन्हें एमएसपी तय करते समय गिना जाना चाहिए।
याचिका का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह सुनिश्चित करने की मांग करती है कि एमएसपी पर अधिसूचित सभी फसलों की पूरी खरीद हो। कई बार ऐसा देखा गया है कि किसान अपनी उपज को एमएसपी पर बेचना चाहते हैं, लेकिन सरकारी खरीद एजेंसियां पूरी मात्रा में खरीद नहीं कर पातीं। इससे किसानों को अपनी उपज औने-पौने दाम पर निजी व्यापारियों को बेचनी पड़ती है, जिससे उन्हें नुकसान होता है। याचिका में इस समस्या का समाधान निकालने के लिए सरकार को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
यह मामला सीधे तौर पर किसानों की आय और उनकी आजीविका से जुड़ा है। अगर एमएसपी सही तरीके से तय होता है और उसकी पूरी खरीद सुनिश्चित होती है, तो किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे खेती जारी रखने के लिए प्रोत्साहित होंगे। सुप्रीम कोर्ट का यह कदम किसानों के हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।