66 Lakh Fraud From Diya Krishnas Business Three Female Employees And One Male Accused Krishnakumar Says Truth Is Out
अभिनेता कृष्ण कुमार की बेटी दिया कृष्ण के व्यवसाय से 66 लाख की धोखाधड़ी: तीन महिला कर्मचारी और एक पुरुष पर आरोप
TOI.in•
अभिनेता कृष्ण कुमार की बेटी दिया कृष्ण के बिजनेस में 66 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। क्राइम ब्रांच ने तीन महिला कर्मचारियों और एक पुरुष को आरोपी बनाया है। ये कर्मचारी दो साल से ग्राहकों से पर्सनल क्यूआर कोड के जरिए पैसे अपने खातों में डलवा रहे थे। इस पैसे से उन्होंने सोना और गाड़ियां खरीदीं।
अभिनेता कृष्ण कुमार की बेटी दिया कृष्ण के बिजनेस से 66 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में क्राइम ब्रांच ने तीन महिला कर्मचारियों और एक पुरुष को आरोपी बनाया है। जांच में पता चला है कि ये कर्मचारी दो साल से इस ठगी को अंजाम दे रहे थे। उन्होंने ग्राहकों को कंपनी के बजाय अपने पर्सनल QR कोड भेजकर पैसे अपने खातों में डलवा लिए। इस पैसे से उन्होंने सोना और गाड़ियां जैसी महंगी चीजें खरीदीं।
यह पूरा खेल तब खेला गया जब दिया कृष्ण स्टोर में मौजूद नहीं होती थीं। यह एक सोची-समझी साजिश थी, जिसमें कर्मचारियों ने दिया के भरोसे का फायदा उठाया। क्राइम ब्रांच ने इन पर चोरी, विश्वासघात और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।जब इन कर्मचारियों को पकड़ा गया, तो उन्होंने कृष्ण कुमार और उनके परिवार पर किडनैपिंग, उत्पीड़न और पैसे चोरी करने का झूठा आरोप लगाया। हालांकि, पुलिस को इन आरोपों में कोई दम नहीं मिला है और वे अभी भी जांच कर रहे हैं। यह पलटवार कृष्ण कुमार द्वारा थिरुवनंतपुरम के असिस्टेंट कमिश्नर से पैसे गायब होने की शिकायत दर्ज कराने के तुरंत बाद हुआ था।
क्राइम ब्रांच की जांच रिपोर्ट आने के बाद कृष्ण कुमार ने राहत की सांस ली है। उन्होंने कहा कि इस धोखाधड़ी में और भी लोग शामिल थे और उनकी चिंताएं अब सही साबित हुई हैं। उन्होंने मीडिया और जनता को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। कृष्ण कुमार ने कहा, "अब सच सामने आ गया है। जो हमने कहा था, वह साबित हो गया है। हम मीडिया और जनता के समर्थन के लिए आभारी हैं।"
दिया कृष्ण ने भी खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि उनके पिता पर लगे झूठे आरोपों का खारिज होना उनके परिवार को भावनात्मक सुकून दे रहा है, क्योंकि वे न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही न्याय मिलेगा।
यह पूरा मामला एक बड़े वित्तीय घोटाले की ओर इशारा करता है, जहां कर्मचारियों ने अपने मालिक के भरोसे को तोड़कर करोड़ों रुपये की ठगी की। उन्होंने इस पैसे का इस्तेमाल अपनी ऐशो-आराम की जिंदगी पर किया। यह घटना बिजनेस में कर्मचारियों की ईमानदारी पर सवाल उठाती है और यह भी बताती है कि कैसे भरोसे का गलत फायदा उठाया जा सकता है।
पुलिस ने इस मामले में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें आरोपियों के नाम भी शामिल हैं। यह जांच अभी भी जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस धोखाधड़ी में कोई और भी शामिल था। यह मामला उन लोगों के लिए एक सबक है जो अपने कर्मचारियों पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं।
इस तरह की धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए, आरोपियों ने एक खास तरीका अपनाया। वे ग्राहकों को कंपनी के आधिकारिक पेमेंट सिस्टम की जगह अपने पर्सनल QR कोड भेजते थे। जब ग्राहक इन QR कोड्स को स्कैन करके पेमेंट करते थे, तो पैसा सीधे कर्मचारियों के खातों में चला जाता था। यह सब तब होता था जब दिया कृष्ण स्टोर में नहीं होती थीं, ताकि उन पर शक न हो।
यह घटना यह भी बताती है कि कैसे छोटी-छोटी गलतियां या लापरवाही बड़े घोटालों को जन्म दे सकती हैं। दिया कृष्ण ने शायद अपने कर्मचारियों पर बहुत ज्यादा भरोसा कर लिया था, जिसका फायदा इन लोगों ने उठाया। अब पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों को सजा मिल सके।