CMO की अनुमति बिना अटके QR कोड वाले जन्म प्रमाण पत्र

नवभारतटाइम्स.कॉम
qr code birth certificates stuck without cmo approval causing problems for people
n NBT रिपोर्ट, गाजियाबाद

पुराने जन्म प्रमाण पत्र को क्यूआर कोड वाले डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र में बदलवाने की प्रक्रिया सीएमओ की अप्रूवल के कारण अटक गई है। आवेदनकर्ताओं को डेढ़ महीने तक का इंतजार करना पड़ा रहा है। हर जोन में करीब 200 से अधिक आवेदन अनुमति के लिए इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को बच्चों के दाखिले, पासपोर्ट या अन्य जरूरी कामों के लिए देरी हो रही है। नगर निगम के जोनल कार्यालयों में बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं। अधिकारियों के अनुसार, मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय से अप्रूवल नहीं मिलने के कारण क्यूआर कोड वाले जन्म प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं।
नगर निगम क्षेत्र में अब केवल क्यूआर कोड वाले डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। जिन लोगों के पास पहले से पारंपरिक जन्म प्रमाण पत्र हैं, वे भी उन्हें नए डिजिटल प्रारूप में बदलवाने के लिए नगर निगम के जोनल कार्यालयों में आवेदन कर रहे हैं। लेकिन आवेदन ऑनलाइन दर्ज होने के बाद अंतिम मंजूरी सीएमओ कार्यालय से मिलनी होती है। फिलहाल यही चरण सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।

नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, कविनगर और सिटी जोन समेत सभी जोन के आवेदन लंबे समय से लंबित हैं। सिटी जोन के जोनल प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि उनके यहां 200 से अधिक आवेदन लंबित पड़े हैं। ये सभी ऐसे मामले हैं जिनमें पुराने जन्म प्रमाण पत्र को क्यूआर कोड वाले प्रमाण पत्र में बदला जाना है। कविनगर जोन के अधिकारियों का कहना है कि जिन आवेदनों को पहले ही ऑनलाइन प्रक्रिया में डाल दिया गया था, उन्हें भी अब तक सीएमओ कार्यालय से अप्रूवल नहीं मिला है। यही वजह है कि नए आवेदनों को फिलहाल सिर्फ स्वीकार कर सुरक्षित रखा जा रहा है। पुराने लंबित मामलों के निस्तारण के बाद ही नए आवेदनों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इस देरी का असर सीधे लोगों पर पड़ रहा है। कई अभिभावकों को बच्चों के स्कूल में प्रवेश के लिए क्यूआर कोड वाला जन्म प्रमाण पत्र चाहिए, जबकि कुछ लोगों को पासपोर्ट और अन्य सरकारी कार्यों के लिए इसकी आवश्यकता है। प्रमाण पत्र समय पर नहीं मिलने से लोगों को नगर निगम और संबंधित विभागों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीएमओ कार्यालय से अप्रूवल की प्रक्रिया तेज होने के बाद ही निस्तारण संभव हो सकेगा।