n NBT रिपोर्ट, गाजियाबाद
जिला प्रशासन ने आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। जिले में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए अब सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट स्कूलों के स्टाफ को भी जनगणना में लगाया जा रहा है। प्रशासन ने करीब 50 निजी स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को इस मुहिम का हिस्सा बनाया है। इस फैसले के पीछे का मुख्य कारण हाउस लिस्टिंग जैसे बड़े काम को समयसीमा के भीतर पूरा करना है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनगणना का यह काम बेहद संवेदनशील और समयबद्ध है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि जो भी कर्मचारी इस ड्यूटी में लापरवाही बरतेंगे या काम करने से मना करेंगे, उनकी सैलरी रोकी जा सकती है। यह सख्ती केवल शिक्षकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि संबंधित विभागों के प्रमुखों को भी जवाबदेह बनाया गया है। यदि कोई कर्मचारी ड्यूटी का पालन नहीं करता है तो उसके विभागाध्यक्ष पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
गाजियाबाद को 7,848 ब्लॉकों में बांटा गया : आंकड़ों पर नजर डालें तो गाजियाबाद को 7,848 ब्लॉकों में बांटा गया है। इस काम को संपन्न करने के लिए अब तक 9,445 कर्मचारियों को तैनात किया जा चुका है। गणना की योजना इस प्रकार बनाई गई है कि प्रत्येक कर्मचारी को औसतन 150 से 180 घरों का सर्वे करना होगा। शुरुआत में 51 अलग-अलग सरकारी विभागों को अपने कर्मचारी देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जब स्टाफ की कमी महसूस हुई तो जिला प्रशासन को निजी स्कूलों के स्टाफ को बुलाने का फैसला लेना पड़ा।

