भातखंडे सिखाएगा नाटक और पेंटिंग, शुरू होंगे 6 सर्टिफिकेट कोर्स

नवभारतटाइम्स.कॉम

भातखंडे राज्य संस्कृति विश्वविद्यालय 2026-27 सत्र से 6 नए सर्टिफिकेट कोर्स शुरू कर रहा है। इन पाठ्यक्रमों में स्वरोजगार और कौशल विकास पर जोर दिया जाएगा। विद्यार्थी अब सीधे विश्वविद्यालय परिसर में बौद्ध दर्शन, पाली, नाट्यशास्त्र और विजुअल आर्ट (पेंटिंग) का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल शिक्षा को रोजगारपरक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

bhatkhande university to start 6 new certificate courses in drama painting and buddhist philosophy

nNBT न्यूज, लखनऊ

भातखंडे राज्य संस्कृति विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र (2026-27) की तैयारियां तेज हो गई हैं। विद्यार्थियों को स्वरोजगार और कौशल विकास से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन इस सत्र से 6 नए छमाही (सिक्स मंथ) सर्टिफिकेट कोर्स लॉन्च करने जा रहा है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रफेसर मांडवी सिंह ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को रोजगारपरक बनाना और विद्यार्थियों के लिए भविष्य की राहें आसान करना है।

शोध और शिक्षण पद्धति पर विशेष जोर : नए पाठ्यक्रमों में 'रिसर्च मैथडोलॉजी' (शोध पद्धति) से संबंधित होगा। इसमें विद्यार्थियों को शोध की बारीकियां, हाइपोथेसिस (परिकल्पना) तैयार करना और चरणबद्ध तरीके से शोध कार्य को पूरा करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं, दूसरा कोर्स 'शिक्षण पद्धति' पर आधारित है। कुलपति के अनुसार, अक्सर छात्र स्नातक स्तर से ही संगीत और नृत्य की ट्यूशन देकर अपनी फीस अर्जित करने लगते हैं। यह कोर्स उन्हें पेशेवर तरीके से संगीत की शिक्षा देने में सक्षम बनाएगा, जिससे वे एक कुशल शिक्षक के रूप में अपनी पहचान बना सकेंगे।

अकादमियों के सहयोग से चलेंगे विशेष पाठ्यक्रम : वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, भारतेंदु नाट्य अकादमी (बीएनए) और उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं, जहां बौद्ध दर्शन , नाट्यकला और विजुअल आर्ट्स के कोर्स संचालित होते हैं। विश्वविद्यालय अब सीधे अपने परिसर में भी इन विधाओं की शिक्षा शुरू कर रहा है। प्रथम चरण में बौद्ध दर्शन, पाली, नाट्यशास्त्र और विजुअल आर्ट ( पेंटिंग ) में 6 माह के सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाएंगे। यह कोर्स संबंधित अकादमियों के सहयोग से शुरू किए जाएंगे।