Yashlok.Singh@timesofindia
n गुड़गांव : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब गुड़गांव के निर्यात कारोबार पर साफ दिखने लगा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कंपनियों के लिए ऑर्डर पूरा करना भी मुश्किल होता जा रहा है। समुद्री भाड़ा तेजी से बढ़ा है और अब हवाई भाड़ा भी करीब दोगुना हो चुका है। इसका असर गारमेंट, ऑटो पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और फर्नीचर जैसे उद्योगों पर पड़ रहा है। उद्यमियों का कहना है कि खर्च लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कमाई में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हो रही। कारोबारियों के मुताबिक, जो समुद्री भाड़ा पहले करीब 1 डॉलर प्रति क्यूबिक मीटर था, वह अब बढ़कर 110 डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं, हवाई भाड़ा भी 350 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 600 रुपये प्रति किलो से ज्यादा हो गया है। ऐसे में हर शिपमेंट पहले से कहीं ज्यादा महंगा पड़ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि इस तरह लागत बढ़ने से कई उद्योगों के आगे चलने पर भी अनिश्चितता बन रही है। सबसे ज्यादा असर छोटे उद्योगों पर पड़ रहा है।
CM राहत की मांग : गारमेंट एक्सपोर्ट्स एंड मैन्युफैक्चरर्स असोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी अनिमेश सक्सेना बताते हैं कि भाड़ा वहन करना बहुत कठिन हो गया है। प्रदेश सरकार की ओर से न्यूनतम वेतन बढ़ाने के बाद से तो स्थिति और भी खराब हो गई है। बुधवार को असोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से दिल्ली में मिला और समाधान की मांग की। सक्सेना के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार फाइनेंशल सहायता देने पर विचार कर सकती है।


