अधूरे फुटपाथ तो कहीं सड़क पर पड़ा मलबा, हादसे का बढ़ा खतरा

नवभारतटाइम्स.कॉम

गुडगांव के डीएलएफ फेज-4 में सड़क सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक है। अधूरे फुटपाथ और सड़क पर पड़े मलबे के कारण यहां लगातार हादसे हो रहे हैं। तेज रफ्तार वाहन चालकों से राहगीर परेशान हैं। अधिकारियों द्वारा काम पूरा करने के आश्वासन के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है।

incomplete footpaths and debris on roads in gurgaon increasing risk of accidents people distressed

n NBT न्यूज, गुडगांव

डीएलएफ फेज-4 पर हैमिल्टन कोर्ट रोड और गैलेरिया क्रॉसिंग के आसपास रहने वाले लोग सड़क असुरक्षा से परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि यहां तेज रफ्तार वाहनों, अधूरे फुटपाथ और सड़क पर पड़े मलबे के कारण हादसों का खतरा बढ़ रहा है। कुछ दिन पहले ही एक शिक्षिका खुले पिट में कार सहित गिर गईं। अधिकारी पहले 31 मार्च और उसके बाद 15 अप्रैल तक काम का आश्वासन देकर भी इसे सही नहीं कर सके। निवासी अनुपमा सिंघल के अनुसार, SR स्कूल के पास स्पीड ब्रेकर न होने से वाहन चालक तेजी से गाड़ियों को चलाते हुए गैलेरिया क्रॉसिंग पार करते हैं। इससे सड़क पार करना खतरनाक हो जाता है। वहीं, रशिका चोपड़ा ने कहा कि डीएलएफ सिटी क्लब रोड से लेफ्ट टर्न के लिए बनाई गई स्लिप रोड अब ट्रैफिक सिग्नल से बचने का शॉर्टकट बन गई है।

हैमिल्टन कोर्ट के बाहर फुटपाथ भी खोद दिया गया है लेकिन अब तक निर्माण पूरा नहीं किया गया। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने 31 मार्च तक काम पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। अधूरे पड़े फुटपाथ पर गाड़िया पार्क हो रही है। हाल ही में एक घरेलू सहायिका को बाइक ने टक्कर मार दी, जबकि एक कार गड्ढे में गिरने से एक प्रफेसर घायल हो गईं थी।

मॉडल रोड प्रॉजेक्ट पर सवाल : सामाजिक कार्यकर्ता गौरी सरीन ने GMDA के मॉडल रोड प्रॉजेक्ट पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि करीब दो साल से चल रहे निर्माण कार्य के बावजूद न तो सड़कें पूरी हो पाई हैं और न ही बुनियादी सुविधाएं बहाल हुई हैं। विभाग ने पहले इसे 31 मार्च और फिर 15 अप्रैल तक काम पूरा करने की बात कही थी पर 23 अप्रैल हुआ और हालात जस के तस बने हैं।