n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : यूपी एटीएस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और उससे जुड़े पाकिस्तानी गैंगस्टर नेटवर्क के लिए काम कर रहे दो युवकों को नोएडा से गिरफ्तार किया है। एटीएस का दावा है कि ये लोग एक बड़ी आतंकी वारदात की साजिश रच रहे थे। इसके लिए दोनों को हथियार व नकदी भेजी गई थी, जो एटीएस ने बरामद की है।
एडीजी एलओ अमिताभ यश के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपी मेरठ निवासी तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्ला अली खान और दिल्ली निवासी समीर खान सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी पाकिस्तानी गैंगस्टरों के संपर्क में आकर भारत के भीतर स्लीपर सेल खड़ा करने और टार्गेटेड हत्याओं व ग्रेनेड हमलों की तैयारी कर रहे थे। आईजी एटीएस पीके गौतम के मुताबिक, उनकी टीम को लंबे समय से इस बात की सूचनाएं मिल रही थीं कि कुख्यात पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट और कुछ कट्टरपंथी पाकिस्तानी यूट्यूबर्स मिलकर भारतीय युवाओं को रेडिकलाइज कर रहे हैं। ये लोग आईएसआई के हैंडलर्स की मदद से इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के जरिये भारतीय युवाओं को निशाना बना रहे थे।
जांच में खुलासा हुआ कि शहजाद भट्टी के इशारे पर संवेदनशील स्थानों की रेकी कराई जा रही थी। चयनित लोगों के घरों पर ग्रेनेड फेंकने और उनकी हत्या करने की साजिश थी। इसके लिए हथियार पाकिस्तान से मुहैया कराने की बात कही गई थी। तुषार उर्फ हिज्बुल्ला को कुछ टार्गेटेड लोगों पर हमला करने के बदले पहले 50 हजार रुपये और वारदात के बाद 2.50 लाख रुपये देने का लालच दिया था। उसका पासपोर्ट बनवाकर दुबई के रास्ते पाकिस्तान बुलाने का लालच भी दिया । पूछताछ में तुषार ने स्वीकारा है कि उसने इंस्टाग्राम पर ‘Shahzad Bhattee’ के नाम से अकाउंट बनाकर गैंगस्टर से संपर्क साधा। जरिए बातचीत करने लगा। शहजाद भट्टी ने उसे आईएसआई एजेंट बताए गए मेजर हमीद, मेजर इकबाल और मेजर अनवर का हवाला दिया।


