n NBT न्यूज, गुड़गांव
नकली एंटी-डायबिटिक मोनजारो इंजेक्शन पकड़े जाने के मामले में अब जांच का सबसे अहम बिंदु यही बन गया है कि आखिर इन इंजेक्शनों में था क्या। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने जब्त किए गए सभी सैंपलों को जांच के लिए पहले ही अधिकृत लैब में भेज दिया है और अब पूरी जांच की दिशा इसी रिपोर्ट पर निर्भर मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट से यह साफ हो जाएगा कि इंजेक्शन में मौजूद कंटेंट असली दवा के मानकों के अनुरूप है या पूरी तरह फर्जी तैयार किया गया था।
जानकारी के अनुसार शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि आरोपी ऑनलाइन कच्चा माल मंगवाता था और स्थानीय स्तर पर ही इंजेक्शन तैयार कर सप्लाई करता था। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इन इंजेक्शनों में सिर्फ डिस्टिल्ड वॉटर भरा था या कोई ऐसा केमिकल जो शरीर के लिए बहुत खतरनाक है।
ड्रग कंट्रोल ऑफिसर डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि इंजेक्शन के नकली होने की पुष्टि पहले ही हो चुकी है लेकिन अब जांच के जरिए सच्चाई सामने लाई जाएगी। आमतौर पर लैब रिपोर्ट आने में करीब एक से डेढ़ महीने का समय लगता है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकता से जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।




