n दीपांकुर सक्सेना, लखनऊ: अपनी गाढ़ी कमाई से घर बनाने वाले आम आदमी के लिए अब उसे रोशन करना बड़ी चुनौती है। बीते एक साल में बिजली के सामान की कीमतों में जो उछाल आया है, उसने घर की फिनिशिंग का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। वैश्विक स्तर पर कच्चे माल की कमी और खाड़ी युद्ध के कारण धातुओं की कीमत में आई अस्थिरता का सीधा असर अब लखनऊ के बिजली बाजारों में साफ देखा जा रहा है।
वायरिंग की लागत
हो गई दोगुनी
नाका गुरुद्वारा रोड व्यापार मंडल के अध्यक्ष असित अग्रवाल ने बताया कि घर की बुनियादी वायरिंग में इस्तेमाल होने वाले सामान के दाम पिछले एक साल में लगभग दोगुने हो गए हैं। 1 एमएम कॉपर वायर का बंडल जो साल भर पहले 1,000 में आता था, वह 2,000 रुपये का हो चुका है। तांबे में 25% की वृद्धि के साथ प्लास्टिक दाने की कीमतों में भी 50% तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस कारण 60 में मिलने वाला पीवीसी पाइप अब 100 रुपये का हो गया है। स्विच, सॉकेट और अन्य एक्सेसरीज में भी 30% तक की बढ़ोतरी हुई है। इसका असर यह है कि 500 वर्ग फुट के घर की सामान्य वायरिंग पहले 50,000 से 1 लाख रुपये के बीच हो जाती थी, लेकिन अब इसकी लागत 1.50 लाख से 2 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
n दीपांकुर सक्सेना, लखनऊ: अपनी गाढ़ी कमाई से घर बनाने वाले आम आदमी के लिए अब उसे रोशन करना बड़ी चुनौती है। बीते एक साल में बिजली के सामान की कीमतों में जो उछाल आया है, उसने घर की फिनिशिंग का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। वैश्विक स्तर पर कच्चे माल की कमी और खाड़ी युद्ध के कारण धातुओं की कीमत में आई अस्थिरता का सीधा असर अब लखनऊ के बिजली बाजारों में साफ देखा जा रहा है।
वायरिंग की लागत
हो गई दोगुनी
नाका गुरुद्वारा रोड व्यापार मंडल के अध्यक्ष असित अग्रवाल ने बताया कि घर की बुनियादी वायरिंग में इस्तेमाल होने वाले सामान के दाम पिछले एक साल में लगभग दोगुने हो गए हैं। 1 एमएम कॉपर वायर का बंडल जो साल भर पहले 1,000 में आता था, वह 2,000 रुपये का हो चुका है। तांबे में 25% की वृद्धि के साथ प्लास्टिक दाने की कीमतों में भी 50% तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस कारण 60 में मिलने वाला पीवीसी पाइप अब 100 रुपये का हो गया है। स्विच, सॉकेट और अन्य एक्सेसरीज में भी 30% तक की बढ़ोतरी हुई है। इसका असर यह है कि 500 वर्ग फुट के घर की सामान्य वायरिंग पहले 50,000 से 1 लाख रुपये के बीच हो जाती थी, लेकिन अब इसकी लागत 1.50 लाख से 2 लाख रुपये तक पहुंच गई है।




