n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव
शहर के कमला नेहरू पार्क में एक मई को मजदूर दिवस पर श्रमिक संगठन एकता का शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। अलग-अलग ट्रेड यूनियनों ने कमला नेहरू पार्क में संयुक्त रूप से प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसे लेकर औद्योगिक क्षेत्रों, कॉलोनियों और ग्रामीण इलाकों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं और अलग-अलग सेक्टरों के मजदूरों को जुटाने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है।
सीटू के उपाध्यक्ष सतबीर सिंह ने बताया कि इस बार मजदूर दिवस केवल प्रतीकात्मक नहीं होगा, बल्कि यह श्रमिक मुद्दों को लेकर एकजुटता का प्रदर्शन होगा। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर नगरपालिका कर्मचारी इस दिन हड़ताल पर रहेंगे वहीं दूसरी ओर ग्रामीण सफाई कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर कार्यक्रम में शामिल होंगे। आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिड डे मील वर्कर, सफाई कर्मचारी, वन मजदूर और चौकीदार जैसे कई वर्गों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। औद्योगिक इकाइयों की यूनियनें भी अपने स्तर पर वर्करों को लामबंद कर रही हैं। श्रमिक नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन का मुख्य फोकस नए लेबर कोड का विरोध और न्यूनतम वेतन को लागू करवाना होगा। यूनियन नेताओं का कहना है कि संशोधित प्रावधानों से उद्योगों को बंद करने की प्रक्रिया आसान हो गई है, जिससे जॉब सिक्योरिटी कमजोर हुई है। पहले बड़ी इकाइयों को बंद करने के लिए सरकारी अनुमति आवश्यक थी, जबकि अब नोटिस देकर यह संभव हो गया है। इसके अलावा फैक्ट्री कानून में सेल्फ सर्टिफिकेशन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। न्यूनतम वेतन को लेकर भी संगठनों ने मोर्चा खोल रखा है। उनका कहना है कि महंगाई के मौजूदा दौर में मजदूरों के लिए 30 हजार रुपये वेतन तय किया जाना चाहिए। श्रमिक नेताओं का कहना है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




