‘मेरा, आपका, हमारा लखनऊ’ में तहज़ीब पर हुई चर्चा

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करामत हुसैन मुस्लिम पीजी कॉलेज में 'मेरा, आपका, हमारा लखनऊ' विषय पर एक कार्यक्रम हुआ। इसमें लखनऊ की तहजीब, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने दैनिक व्यवहार में तहजीब की अहमियत बताई। विकास के साथ सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने की चुनौती पर भी बात हुई।

mera aapka hamara lucknow discusses etiquette and cultural heritage

n NBT न्यूज , लखनऊ : करामत हुसैन मुस्लिम पीजी कॉलेज में शनिवार को आदाब अर्ज लखनऊ पहल के तहत ‘मेरा, आपका, हमारा लखनऊ’ विषय पर कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत , बदलते सामाजिक परिदृश्य और गंगा-जमुनी तहजीब पर सार्थक चर्चा हुई। डॉ. साबिरा हबीब ने कहा कि तहज़ीब केवल किताबों में नहीं, बल्कि दैनिक व्यवहार और संवाद में दिखती है। पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी ने विकास के साथ सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने की चुनौती पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. उपमा चतुर्वेदी ने शहर को सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया।कॉलेज की प्राचार्य डॉ. हुमा ख़्वाजा ने कहा कि लखनऊ को समझने के लिए उसकी गलियों और संस्कृति को जानना जरूरी है