फर्जी वे-बिल मामले में 3 रोडवेज़ कर्मचारी सस्पेंड

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चारबाग डिपो में फर्जी वे-बिल के पुराने मामले में तीन रोडवेज कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। क्षेत्रीय प्रबंधक ने जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। इस भ्रष्टाचार में वरिष्ठ लिपिक और बुकिंग लिपिक की संलिप्तता पाई गई। हालांकि, केंद्र प्रभारी पर कार्रवाई न होने से रोडवेजकर्मियों में चर्चाएं तेज हैं।

3 roadways employees suspended in fake way bill case investigation continues

n NBT न्यूज, लखनऊ

चारबाग डिपो में पुराने वे-बिल मामले में तीन रोडवेजकर्मियों को रविवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। क्षेत्रीय प्रबंधक ने यह कार्रवाई मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर की है। हालांकि, मामले में केंद्र प्रभारी पर कोई कार्रवाई न होने से रोडवेजकर्मियों के बीच चर्चाएं तेज हैं।

 चारबाग डिपो में पुराने वे-बिल से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा था। इस साल जनवरी में आठ साल पुराने वे-बिल पर यात्रियों का विवरण भरकर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था। मामला को संज्ञान में लेते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक अमरनाथ सहाय ने ARM (वित्त) की अगुआई में पांच सदस्यीय कमिटी बनाकर जांच के आदेश दिए थे। जांच में चारबाग डिपो के वरिष्ठ लिपिक व चेकिंग कक्ष प्रभारी मानेंद्र कुमार, वरिष्ठ लिपिक व बैग लिपिक इंद्रेश प्रताप सिंह और बुकिंग लिपिक घनश्याम पाल की संलिप्तता सामने आई। तीनों को निलंबित कर दिया गया है। उधर, भ्रष्टाचार मामले में केंद्र प्रभारी मधु श्रीवास्तव के कार्रवाई से अछूते रहने पर सवाल खड़े हो गए हैं।