25 जिलों को नोटिस, 30 अप्रैल तक जमा करनी होगी एन्युटी

नवभारतटाइम्स.कॉम

उत्तर प्रदेश में जन औषधि केंद्र चलाने वाली 25 फर्मों ने सालाना शुल्क जमा नहीं किया है। साचीज ने इन फर्मों को 30 अप्रैल तक भुगतान करने का अल्टीमेटम दिया है। भुगतान न होने पर 1 मई से फर्मों पर कार्रवाई शुरू होगी। बकाएदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।

jan aushadhi centers in crisis annuity due in 25 districts action to be taken if not deposited by april 30

n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : यूपी में जन औषधि केंद्र खोलने वाली फर्मों ने 25 जिलों की एन्युटी (सालाना शुल्क) अब तक जमा नहीं की है। स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ ऐंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज ( साचीज ) ने इन जिलों में काम कर रही फर्मों को नोटिस जारी कर 5 दिन के भीतर भुगतान करने को कहा है। पत्र के मुताबिक शुल्क 31 मार्च तक जमा होना था और जनवरी से लगातार रिमाइंडर भेजे जा रहे थे, फिर भी भुगतान नहीं हुआ। साचीज ने स्पष्ट किया है कि 30 अप्रैल तक शुल्क जमा नहीं हुआ तो 1 मई के बाद कार्रवाई शुरू होगी। साथ ही जिला प्रशासन को भी भुगतान जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार 1 मई के बाद बकाएदार फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने और जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पिछले साल के टेंडर में तय रकम दो महीने में जमा करनी थी, लेकिन फर्मों ने देरी की। एनबीटी में खबर प्रकाशित होने और शासन स्तर पर सवाल-जवाब के बाद अप्रैल में 50 जिलों की एन्युटी जमा हुई, लेकिन 25 जिलों का शुल्क अब भी बकाया है। फर्मों ने जगह न मिलने, दवाओं की सप्लाई न होने और डॉक्टरों द्वारा जेनरिक दवा न लिखने जैसे कारण बताकर राहत मांगी थी, जिसे साचीज ने खारिज कर दिया है।