अब मरीज़ों को पूरा घुटना बदलवाने की ज़रूरत नहीं

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केजीएमयू के डॉक्टरों ने घुटने की आंशिक सर्जरी से मरीजों का इलाज शुरू कर दिया है। अब पूरा घुटना बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस नई तकनीक से मरीज जल्दी ठीक हो रहे हैं। प्रदेश के डॉक्टरों को भी यह तकनीक सिखाई जा रही है। अब तक करीब 20 आंशिक घुटने की सर्जरी हुई हैं और सभी सफल रही हैं।

no need to replace the entire knee anymore patients get a new life with partial knee surgery at kgmu

n NBT न्यूज, लखनऊ: KGMU के ऑर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टरों ने घुटना प्रत्यारोपण (कम्प्लीट नी रिप्लेसमेंट) की जरूरत वाले मरीजों का इलाज अब पार्शियल नी सर्जरी के जरिए सफलतापूर्वक करना शुरू कर दिया है। इस तकनीक से मरीजों को पूरा घुटना बदलवाने की जरूरत नहीं पड़ रही और वे जल्दी ठीक होकर सामान्य जीवन जी पा रहे हैं। ऑर्थोपेडिक विभाग के प्रफेसर शैलेंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश के सभी डॉक्टरों को इस तकनीक के बारे में सिखाने के लिए रविवार को आंशिक घुटना प्रत्यारोपण पर आधारित एक विशेष शैक्षणिक सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि जिन मरीजों के घुटने का केवल एक हिस्सा खराब होता है, उनमें पूरी सर्जरी की बजाय आंशिक सर्जरी बेहतर विकल्प साबित हो रही है। अब तक करीब 20 पार्शियल नी सर्जरी की जा चुकी हैं और सभी मरीजों में 100% सफलता मिली है।