n NBT न्यूज, गुड़गांव
कंस्ट्रक्शन मटीरियल की ढुलाई और स्टोरेज में बरती जा रही लापरवाही ने शहर में धूल से होने वाले प्रदूषण का ग्राफ बढ़ा दिया है। खासकर न्यू गुड़गांव में हालात बेहद गंभीर हैं। यहां रोज ओवरलोड और बिना कवर ट्रक सड़कों पर धूल फैला रहे हैं। मंगलवार को स्थानीय निवासी गिरीश कुमार की ओर से सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा की गईं। उनका आरोप है कि लापरवाही के चलते शहर धूल प्रदूषण का बड़ा केंद्र बन गया है। द्वारका एक्सप्रेसवे गुड़गांव डिवेलपमेंट असोसिएशन (DXPGDA) के डिप्टी कन्विनर सुनील सरीन ने कहा कि सड़कों पर नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। वाहन बिना कवर के निर्माण सामग्री लेकर दौड़ रहे हैं और ओवरलोडिंग पर भी कोई सख्ती नजर नहीं आती। विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क किनारों पर जमा यह धूल हवा में मिलकर वायु गुणवत्ता को तेजी से खराब कर रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही।
मार्च में गुड़गांव था सबसे प्रदूषित शहर : बता दे सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के मार्च -2026 का आंकड़ों के अनुसार गुड़गांव देश के सबसे प्रदूषित शहरों में नंबर-1 पर पहुंच गया था । पूरे महीने हवा में जहरीले कण सामान्य सीमा से कहीं अधिक रहे।


